मीडिया ने 'ओलंपिक टॉर्चबियरर' पिंकी करमाकर के बयान को प्रकाशित किया, जिसमें उन्होंने कहा था, "मुझे सरकार से कोई सुविधा नहीं मिली। मुझे नहीं पता है कि क्यों।
मई 2017 में ही 'एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI)' ने उवे होन का नाम भारत के जेवलिन कोच के रूप में सुझाया था और केंद्रीय खेल मंत्रालय के पास इसका प्रस्ताव भेजा था। इससे नीरज चोपड़ा का खेल और निखरा।
नीरज चोपड़ा के बचपन का एक किस्सा है जहाँ से उनकी दिशा बदल गई। 11 साल की उम्र के लड़के ने जब पहली ही बार में 25 मीटर से भी दूर भाला फेंक दिया तो किसी को भी समझते देर नहीं लगी कि यह लड़का इसी खेल के लिए बना है।