अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने भी अब्दुल्ला अतेफी की हत्या की निंदा की और कहा कि अफगानिस्तान की बुद्धिमत्ता खतरे में है और तालिबान इसे ख़त्म करके अफगानिस्तान को बंजर बनाना चाहता है।
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के विभिन्न हिस्सों में गोलीबारी और बम ब्लास्ट की आवाज़ें आईं। शहर के उस 'ग्रीन जोन' में भी ये सब हुआ, जो कड़ी सुरक्षा वाला इलाका है।
अमेरिका के न्यूयॉर्क में पश्तून तहफुज मूवमेंट (पीटीएम) ने अली वजीर की अवैध नजरबंदी और अफगानिस्तान में पाकिस्तान के छद्म युद्ध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
तालिबान ने पहले ही चीन को आश्वासन दे दिया था कि वो शिनजियांग के मुस्लिमों में बढ़ते कट्टरपंथ को लेकर चुप रहेगा। साथ ही चीन जो उइगर मुस्लिमों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, उस पर भी वो कुछ नहीं बोलेगा।