Wednesday, September 22, 2021
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12 गोलियों के निशान, सिर-छाती को भारी वाहन से कुचल लाश को घसीटा: दानिश सिद्दीकी के साथ तालिबानी बर्बरता की नई डिटेल

रवीश कुमार जैसों ने जिस दानिश सिद्दीकी की हत्या के बाद ‘बंदूक से निकली गोली’ को लानतें भेजीं थी, उस फोटो जर्नलिस्ट के साथ तालिबानी बर्बरता को लेकर नया खुलासा हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के लिए काम करने वाले फोटोजर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी की अफगानिस्तान में तालिबान के द्वारा की गई हत्या के संबंध में नया खुलासा हुआ है। सिद्दीकी की मेडिकल रिपोर्ट और X-Ray से यह पता चला है कि उन्हें 12 गोलियाँ मारी गई थी और उनके सिर एवं छाती को भारी वाहन से कुचला गया था।

News18 ने सिद्दीकी की मेडिकल रिपोर्ट एक्सेस करने का दावा किया है। मेडिकल रिपोर्ट के साथ सिद्दीकी की लाश की कई फोटोग्राफ हैं और साथ ही X-Ray रिपोर्ट भी है। इसके माध्यम से यह दावा किया गया है कि मरने के बाद सिद्दीकी की लाश के साथ बर्बरता की गई। रिपोर्ट्स में अफगानी खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सिद्दीकी के शरीर में 12 गोलियों के निशान मिले हैं। इसके अलावा उनके शरीर में कई गोलियाँ मौजूद थीं।

News18 की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सिद्दीकी के शरीर पर घसीटने के निशान मौजूद हैं। इसके अलावा उनकी हत्या के बाद उनकी लाश को किसी भारी वाहन से क्षत-विक्षत किया गया, क्योंकि उनके चेहरे और छाती पर गाड़ी के टायर के निशान थे। सिद्दीकी की रिपोर्ट से साफ़ तौर पर यह पता चलता है कि उनके शरीर पर कई फ्रैक्चर भी हुए थे जो तालिबान के आतंकियों के द्वारा उनके साथ की गई बर्बरता की कहानी बताते हैं।

हालाँकि सिद्दीकी की हत्या के बारे में अफगानिस्तान के कमांडर बिलाल अहमद ने पहले ही खुलासा किया था कि उनके शव के साथ भी बर्बरता की गई थी। उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा था कि चूँकि दानिश सिद्दीकी भारतीय थे और तालिबानी भारत से नफरत करते थे, इसीलिए उनके शव के साथ भी बर्बरता की गई थी। उन्होंने बताया कि सबसे पहले तो गोली मार के दानिश सिद्दीकी की हत्या की गई, फिर जैसे ही तालिबानियों को पता चला कि वो भारतीय हैं उनके सिर के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी।

16 जुलाई को हुई इस वारदात के बारे में भारतीय वामपंथी मीडिया ने ‘गोलीबारी में मारे जाने’ की बात कही थी। लिबरल गिरोह ने तालिबान को दोष देने की बजाए हिन्दुओं को भला-बुरा कहा था। रवीश सरीखे पत्रकारों ने ‘बंदूक से निकली गोली’ को लानतें भेजीं थी। लेकिन तालिबान ने सिद्दीकी की मौत पर कहा था कि वो अपनी मौत के लिए खुद ही जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्होंने युद्ध क्षेत्र में आने से पहले तालिबान की अनुमति नहीं ली थी। साथ ही तालिबान ने सिद्दीकी की हत्या के लिए माफी माँगने से भी इनकार कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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