कूवर में सिर्फ गुरुद्वारा ही नहीं बल्कि एक मंदिर पर भी ऐसा ही हमला शनिवार को ही किया गया। मंदिर से जुड़े लोगों ने बताया है कि यह हमले पूर्व नियोजित हो सकते हैं।
पहली बार नहीं है जब हिंदू संत या धार्मिक संगठन किसी तरह के परोपकारी कार्य कर रहे हो, सालों से ऐसा हुआ, लेकिन वामपंथियों ने कभी उसका प्रचार नहीं होने दिया।