तृणमूल कॉन्ग्रेस हाथरस मामले में खुद को ‘न्याय के योद्धा’ के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रही है, मगर सच्चाई तो यह है कि बलात्कार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड गंभीर सवाल उठाता है।
राहुल गाँधी के नक्शेकदम पर चलते हुए TMC के डेरेक भी आज मृतक हाथरस पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए जा रहे थे। जिस दौरान पुलिस ने उन्हें जब आगे बढ़ने से रोका तो वह खुद ही गिरते नजर आए।
बंगाल में BJP कार्यकर्ता रॉबिन की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आखिरी वक्त में जब बेटी ने पानी देने की कोशिश की तो कथित तौर पर TMC के गुंडों ने उसे भी धमकाया।
वैसे पहली बार संसद का प्रश्नकाल स्थगित नहीं हुआ है। फिर भी इसके बहाने बीजेपी पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाने वाले राजनीतिक दल खुद के शासित राज्यों में भी कोरोना का हवाला दे इसे स्थगित कर चुके हैं।
इस पत्र में उन्होंने बंगाल में होने वाले चुनावों के मद्देनजर प्लेटफॉर्म की अखंडता को बनाए रखने का अनुरोध किया है। साथ ही फेसबुक पर बंगाल के कई पेज और अकॉउंट्स ब्लॉक करने का इल्जाम लगाया है।