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TMC के गुंडों ने छतों से फेंके बम, शांतिपूर्ण मार्च पर आँसू गैस के गोले दागे गए: तेजस्वी सूर्या ने कहा- फासीवाद यही है

"फासीवाद ऐसा ही दिखता है। टीएमसी के गुंडों ने छतों से हमारे ऊपर देशी बम फेंके। शांतिपूर्ण मार्च के ख़िलाफ़ आँसू गैस के गोले और वाटर कैनन छोड़े गए। आतताइयों का समय खत्म हो रहा है।"

पश्चिम बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की रैली पर हमले की घटना सामने आई है। इसकी जानकारी भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कर्नाटक से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने ट्वीट कर दी है। उन्होंने बताया कि आज शांतिपूर्ण मार्च ‘Nabanno Chalo’ पर टीएमसी के गुंडों ने देशी बम फेंके।

तेजस्वी सूर्या ने लिखा, “फासीवाद ऐसा ही दिखता है। टीएमसी के गुंडों ने छतों से हमारे ऊपर देशी बम फेंके। शांतिपूर्ण मार्च के ख़िलाफ़ आँसू गैस के गोले और वाटर कैनन छोड़े गए। आतताइयों का समय खत्म हो रहा है।”

उल्लेखनीय है कि बंगाल में भाजपा नेता मनीष शुक्ला की हत्या के बाद से पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं में गुस्सा भरा हुआ है। ऐसे में आज भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद तेजस्वी सूर्या ने वहाँ पहुँचकर कार्यकर्ताओं के साथ ‘नवन्ना चलो’ रैली निकाली।

पार्टी समर्थकों के साथ तेजस्वी राज्य सचिवालय नवन्ना की ओर आगे बढ़ ही रहे थे कि ‘टीएमसी के गुंडों’ ने रैली पर हमला बोल दिया। सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियोज व तस्वीरों से पता चलता है कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर ममता सरकार की पुलिस द्वारा लाठी चार्ज किया गया और उन पर आँसू गैस के गोले छोड़े गए। इतना ही नहीं देशी बम भी रैली पर बरसाए गए।

इस घटना के बाद भाजपा के राष्ट्रीय सचिव वाई सत्या ने ट्वीट कर कहा कि प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए टीएमसी के गुंडों और बंगाल पुलिस ने बेहद घटिया तरीके अपनाए। उन पर रसायनिक तरल से हमला किया गया। तोड़फोड़ के लिए पुलिस की ताकत का गलत इस्तेमाल हुआ। आँसू गैस के गोले छोड़े गए। देशी बम फेंके गए।

पार्टी से जुड़े कई अन्य नेताओं का भी दावा है कि कार्यकर्ताओं पर जहरीले रसायन फेंके गए जिसके कारण कई लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।

बता दें कि रैली में शामिल कार्यकर्ताओं की परेशान कर देने वाली तस्वीरें इस समय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। हालाँकि, कुछ लोगों ने इस बीच सवाल खड़ा किया है कि कोरोना महामारी में ऐसे रैली क्यों निकाली जा रही थी।

इस पर बंगाल भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “हर कार्यकर्ता ने मास्क पहना हुआ था। क्या नियम सिर्फं हमारे लिए ही हैं? ममत बनर्जी हजारों लोगों के साथ प्रदर्शन करती हैं और हमें सामाजिक दूरी के पाठ पढ़ाती है। क्या यही नियम उन पर लागू नहीं होते।”

नवन्ना चलो प्रदर्शन

गौरतलब है कि भाजपा नेता मनीष शुक्ला की हत्या के विरोध में भाजपा द्वारा ‘नवन्ना चलो’ प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। इस आह्वान के बाद ही राज्य सरकार ने प्रदेश सचिवालय का दरवाजा दो दिन के लिए बंद कर दिया। राज्य सरकार ने इसकी सफाई में कहा कि बिल्डिंग को सैनिटाइज करने के लिए सचिवालय को बंद रखा गया है, जबकि भाजपा का मानना है कि ममता सरकार ने मार्च रोकने के लिए सचिवालय को बंद करने का फैसला किया। इसके अलावा प्रदर्शन को रोकने के लिए ममता सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के बयान का भी हवाला दिया गया जिसमें अदालत ने कहा था, “शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन ही उचित है, जगह घेर कर बैठ जाना गलत है, क्योंकि लोगों को इससे परेशानी होती है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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