"मुर्शिदाबाद जाते हुए मुझे नवग्राम के पास मुस्लिमों की बड़ी भीड़ ने घेर लिया है। मेरी गाडी के दोनों तरफ भीड़ जमा है। प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा। SP और DG भी फ़ोन नहीं उठा रहे।"
जामा मस्जिद का शाही इमाम होने के नाते अहमद बुखारी का ये फर्ज था कि वो अपने समुदाय के लोगों को समझाएँ। नए कानून पर उनके भ्रम को दूर करें। लेकिन जैसे ही उन्होंने ऐसा किया, कौमी ठेकेदार उन पर टूट पड़े। उन्हें 'जमीरफरोश' करार दिया।
दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया के बाद अब सीलमपुर इलाके में नागरिकता कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने डीटीसी की बसों में जमकर तोड़फोड़ की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया। इसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।
“हमारी ख्वाहिश और हमारी आरजू ये है कि दिल्ली में चक्का जाम हो। सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, पूरे देश में, जहाँ मुस्लिम कर सकता है। मुस्लिम हिन्दुस्तान के 500 शहरों में चक्का जाम कर सकता है।"
जावेद अख्तर ने ट्वीट कर कहा कि कानून के मुताबिक बिना इजाजत पुलिस कैंपस में दाखिल नहीं हो सकती। जामिया कैंपस में बिना इजाजत घुसकर पुलिस ने ऐसी मिसाल कायम की है जो हर यूनिवर्सिटी के लिए एक खतरा है।
दिल्ली पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सिसोदिया और आप विधायक अमानतुल्लाह खान तथा अन्य पार्टी नेताओं ने आपराधिक साजिश रची और जामिया हिंसा भड़काई। अपनी शिकायत के साथ पुलिस को कुछ वीडियो भी उपलब्ध कराए गए हैं जिनमें कथित रुप से आप नेता भीड़ को उकसा रहे हैं।
अब्दुल गिर जाता है, उसकी आँखों के सामने स्कूल जाती रजिया का चेहरा घूमता है, उसके माता-पिता की तस्वीर नाचती है, उसकी आँख बंद होने लगती है, लोग उसके ऊपर लात रख कर भाग रहे होते हैं। भीड़ छँटने के बाद अब्दुल मरा हुआ पाया जाता है।
मालदा, उत्तर दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिले में इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई गई है। नदिया, बीरभूम, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और हावड़ा जिलों में हिंसा, लूट और आगजनी की घटनाएँ सामने आई हैं।
हिंसक प्रदर्शन का ठीकरा जामिया प्रशासन ने 'बाहरी' लोगों के सिर फोड़ा हो, लेकिन कैंपस की दीवारों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ख़िलाफ़ ख़ूब ज़हर उगला गया है।