लोगों को पुलिस पर भरोसा नहीं है और 92 फीसदी के करीब मतदान केन्द्रों पर निष्पक्ष वोटिंग के लिए केन्द्रीय बलों की तैनाती होगी। ऐसी स्थिति कभी बिहार में होती थी।
उनके दोनों मोबाइल फोन बंद हैं और उनकी अंतिम लोकेशन नदिया जिले में शांतिपुर के पास की बताई जा रही है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि शांतिपुर के बाद उनकी लोकेशन का पता नहीं चल पाया है क्योंकि वहाँ से उनका फोन बंद आ रहा है।
अर्नब रॉय दूसरे चरण के मतदान के दिन दोपहर के भोजन के बाद चुनाव ड्यूटी से गायब हो गए। वह EVM और VVPAT के प्रभारी थे। पश्चिम बंगाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जाँच शुरू कर दी है।
भाजपा कार्यालय से लेकर पेड़ तक पर भाजपा कार्यकर्ताओं की लाशें लटकी होने की ख़बर इतनी आम हो गई हैं कि सुन कर पहले ही सोच लेता हूँ कि बंगाल की ही ख़बर होगी।
वीडियो देखने से पता चलता है कि पूरे पोलिंग बूथ पर काफ़ी तोड़-फोड़ की गई। VVPAT मशीन और बैलट यूनिट सहित EVM ज़मीन पर पड़ा था। इस घटना के बाद चोपरा के बूथ नंबर 112 पर मतदान रोक दिया गया।
नदिया ज़िले के सिमुराही की एक भरी सभा में बंद दरवाज़ों के बीच कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए तृणमूल विधायक ने 'किसी भी माध्यम का प्रयोग करते हुए' इस 'युद्ध' (चुनाव) को जीतने की बात कही।
रैली की इजाजत न मिलने से VHP कार्यकर्ताओं में काफी गुस्सा है। पुलिस की इजाजत न मिलने के बाद कार्यकर्ताओं ने राम की तस्वीर के साथ-साथ भगवा झंडा लेकर स्थानीय रैली निकालने की कोशिश की।
न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने फ़िल्म निर्माता की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उत्पादकों और सिनेमा हॉल के मालिकों को 20 लाख रुपए का जुर्माना दिया जाएगा, जो बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के उल्लंघन के लिए होगा।
"रोहिंग्या को लावारिस मत समझना कि उन्हें बंगाल से निकाल दोगे। सुनो... ये असम नहीं, ये गुजरात नहीं, ये यूपी नहीं, ये मुजफ्फरनगर नहीं... ये बंगाल है, बंगाल। और बंगाल में अभी तक किसी माँ ने वो औलाद नहीं जना है जो मुसलमानों को निकाल कर दिखा दे।"
ममता बनर्जी ने एक रैली में प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता और राजनीति से बाहर निकालने की बात कही। इतना ही नहीं, उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि मोदी के मुँह को चिपकने वाले सर्जिकल टेप से चिपका देना चाहिए।