उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनाव में 11 सीट में से 8 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है जबकि 3 सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की। बसपा इस चुनाव में बुरी तरह विफल है।
दरअसल, अब दिवाली और राम मंदिर पर आने वाले फ़ैसले को देखते हुए क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए होमगार्डों की ज़रूरत भी बढ़ गई है। इसलिए, होमगार्डों की ड्यूटी बरकरार रखने का निर्णय लिया गया है।
आयोजन को राजकीय मेला घोषित किया गया है। इस दौरान अयोध्या की भव्यता देखते ही बनती है। रोशनी के खास इंतजाम के साथ-साथ देश भर के कलाकार अपने हुनर का प्रदर्शन करने के लिए इस दौरान बुलाए जाते हैं।
सीएम के मुताबिक प्रदेश में अवैध बूचड़खाने पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं बावजूद इसके कई जिलों में बूचड़खानों की शिकायत मिल रही है। योगी सरकार ने अवैध बूचड़खानों पर सख्ती करते हुए, दिशा निर्देश जारी किए हैं।
पीड़ित परिवार ने लखनऊ में कमलेश तिवारी की प्रतिमा लगाने की माँग की है। साथ ही खुर्शीद बाग़ इलाक़े का नाम बदल कर कमलेश नगर करने की माँग की गई है। हिंदुत्ववादी नेता तिवारी की 18 अक्टूबर को उनके कार्यालय में निर्मम हत्या कर दी गई थी।
महिला मड़ियांव की रहने वाली है। उसने पूछताछ में बताया कि युवकों ने उससे खुर्शेदबाग कॉलोनी का पता पूछा था। शुरुआती जॉंच के आधार परा पुलिस और एटीएस का कहना है कि तिवारी की हत्या से महिला का कोई संबंध नहीं है।
राशिद पठान दुबई की जिस कंपनी में काम करता था उसका मालिक पाकिस्तानी ही है। वह हाल ही में घर लौटा था। पठान सहित तीन को एटीएस ने सूरत से दबोचा है। अब एटीएस उसके पाकिस्तानी कनेक्शन को खंगाल रही है।
हाल ही में ख़बर आई थी कि पाकिस्तान ने हिज़्बुल, लश्कर और जमात को अलग-अलग टास्क सौंपे हैं। एक टास्क कुछ ख़ास नेताओं को निशाना बनाना भी था? ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कमलेश तिवारी के हत्यारे किसी आतंकी समूह से प्रेरित हों।
"कमलेश तिवारी के बड़े बेटे के लिए यूपी प्रशासन सरकारी नौकरी की अनुशंसा करेगी। आत्मरक्षा के लिए उसे लाइसेंसी हथियार भी प्रदान किया जाएगा। उन्हें उचित वित्तीय सहायता प्रदान किया जाएगा। इन सभी बातों पर एक समिति द्वारा विचार किया जा रहा है।"
हत्या के 24 घंटों के भीतर ही यूपी पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया जिनके नाम मोहसिन शेख, फैजान और राशिद अहमद पठान हैं। गुजरात एटीएस के संपर्क में भी यूपी पुलिस है।