इस पूरे प्रकरण की जाँच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। ADG गोरखपुर स्वयं जाँच का जिम्मा संभालेंगे। फिलहाल नामजद पुलिसकर्मियों की अब तक गिरफ़्तारी नहीं हुई है।
उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मान्तरण कराने वाले गैंग से उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ IAS अधिकारी मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के कनेक्शन को लेकर वायरल वीडियो की जाँच अब SIT करेगी।
प्रश्न यह है कि कॉन्ग्रेस पार्टी के लिए उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए उसकी यह रणनीति काफी होगी? ऐसा करने के साथ यही पार्टी बीजेपी पर यह आरोप लगाने की भी तैयारी कर रही होगी कि भाजपा चुनाव के मौके पर सांप्रदायिक राजनीति करती है।
कोरोना वायरस के वैक्सीनेशन के मामले में उत्तर प्रदेश 10 करोड़ से अधिक टीके लगाने के लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। अजीत अंजुम को लोग अब उनके वादे की याद दिला रहे।