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‘अब तो कोई डर नहीं है ना’: कैराना से भागने को मजबूर किए गए हिंदुओं को पहले बसाया, फिर घर जाकर CM योगी ने पूछा हाल

"यहाँ पर हिंदू व्यापारी और अन्य हिंदुओं को व्यापक पैमाने पर प्रताड़ित कर पलायन के लिए मजबूर किया गया था। देश के अंदर यह समाचार काफी सुर्खियों में भी था। 2017 के बाद अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सरकार ने जो कार्रवाई की थी उसकी वजह से इस कस्बे में शांति वापस आई है।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (8 नवंबर 2021) को शामली के कैराना में उन परिवारों से मुलाकात की जिन्हें कुछ साल पहले पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा था। बीजेपी सरकार में इनलोगों की घर वापसी हुई और अब खुद मुख्यमंत्री ने उनका हाल जाना है। इस दौरान उन्होंने करोड़ों रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

कैराना से हिंदुओं को तब पलायन करना पड़ा था जब राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। स्थानीय मुस्लिम गुंडों की धमकियों की वजह से पलायन करने वाले ज्यादातर हिंदू व्यापारी थे। राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद इनकी वापसी मुमकिन हो पाई थी।

पलायन के बाद घर लौटे लोगों से मुलाकात के दौरान सीएम योगी ने बगल में बैठी एक बच्ची से पूछा, “अब तो कोई डर नहीं है ना?” इस पर बच्ची ‘ना’ में सिर हिला देती है। कैराना से पलायन करने वाले पीड़ितों से मुलाकात के बाद सीएम योगी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जो परिवार यहाँ से गए थे, उनमें से ज्यादातर वापस आ चुके हैं। उनको भरोसा दिया गया था कि अपराध, अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। सीएम ने कहा कि कैराना में अब PAC की तैनाती होगी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हर पीड़ित से मिलना उनका धर्म है। पीड़ित अगर हिंदू है, तो उससे मिलना गुनाह नहीं है। 

उन्होंने कहा, “यहाँ पर हिंदू व्यापारी और अन्य हिंदुओं को व्यापक पैमाने पर प्रताड़ित कर पलायन के लिए मजबूर किया गया था। देश के अंदर यह समाचार काफी सुर्खियों में भी था। 2017 के बाद अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सरकार ने जो कार्रवाई की थी उसकी वजह से इस कस्बे में शांति वापस आई है।” 

सीएम ने कहा, “बहुत सारे परिवार वापस आए हैं, 2017 में जब मैं यहाँ आया था तो लोगों ने माँग की थी कि सुरक्षा की दृष्टि से यहाँ की चौकी को मजबूत किया जाए तथा पीएसी की एक बटालियन की स्थापना हो। चौकी के सुदृढ़ीकरण की कार्रवाई पहले ही चुकी थी और यहाँ पर पीएसी की बटालियन की स्थापना के लिए मैं खुद आया हूँ।”

उन्होंने कहा, “कुछ परिवारों के साथ भी मैंने संवाद किया है, जो पिछली सरकारों के राजनीतिक अपराधीकरण के शिकार हुए थे, उसमें से ज्यादातर परिवार वापस आ चुके हैं। उनमें एक विश्वास जगा है, हमारी सरकार ने इस बात के लिए यहाँ के हर परिवार को आश्वस्त किया है कि सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जिस जीरो टॉलरेंस के तहत काम कर रही थी, वही रणनीति आगे भी चलती रहेगी। यही आश्वासन देने के लिए आज मैं खुद इस कैराना कस्बे में आया हूँ। बच्चों, महिलाओं के अंदर एक विश्वास देखने को मिला है और यह विश्वास अवश्य रंग लाएगा, कैराना विकास की प्रक्रिया के साथ तेजी से आगे बढ़ा है।” इस दौरान सीएम ने यहाँ पर वह पीएसी कैंप, यूपी रोडवेज बस स्टैंड सहित 426 करोड़ की लागत से 114 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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