पहले तो आप यह तय कीजिए कि आपको मतलब किस बात से है? पत्रकार/पीड़ित के फोन रिकॉर्ड होने से, या इस बात से कि वहाँ दंगा न फैले, पीड़ित परिवार को न्याय मिले?
घटना के कुछ देर बाद रिकॉर्ड किए गए वीडियो में पीड़िता और उनकी माँ ने बलात्कार की बात नहीं कही लेकिन मुख्य अभियुक्त का नाम लिया है और हत्या के प्रयास की बात की है।
भयावहता को दर्शाने के लिए जीभ काटने, रीढ़ की हड्डी तोड़ने, आँख फोड़ने की बात कही गई। ये भी कहा गया कि आरोपित सवर्ण है, इसलिए पुलिस छेड़छाड़ का मामला बताकर रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है।
इस बीच मौकापरस्त पत्रकार और नेता मामले को स्पिन देते हुए आरोपित की ‘जाति’ निकाल कर सामने ला रहे हैं कि वो उच्च जाति का होने की वजह से पुलिस ने रेप से इनकार किया।
“सोशल मीडिया के माध्यम से यह असत्य खबर सार्वजनिक रुप से फैलाई जा रही है कि थाना चन्दपा क्षेत्रान्तर्गत दुर्भाग्यपूर्ण घटित घटना में मृतिका की जीभ काटी गई, आँख फोड़ी गई तथा रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई थी।"