मऊ से बसपा के पूर्व विधायक ने राज्य सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उसने सीजेएम कोर्ट से आगे कहा कि मेडिकल बोर्ड ने फिजियोथेरेपी की सलाह दी है। मुझे यह सुविधा भी यहाँ नहीं मिल रही है।
जाँच में विदेशी फंडिंग का एंगल भी सामने आया है। एटीएस के अनुसार 2 करोड़ रुपए यूनाइटेड किंगडम से आए जिनका उपयोग मुख्य आरोपित उमर गौतम और मुफ्ती कासिम के द्वारा किया गया।
हरिश्चंद्र के भाई राम सिंह ने जानकारी दी है कि परिवार को अब उससे कोई मतलब नहीं है। राजस्व के रिकॉर्ड चेक किए गए तो उसमें हरिश्चंद्र उर्फ़ हसमत लिखा हुआ है।