इस मामले की विस्तृत जाँच के लिए अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी को 31 जुलाई तक अपनी जाँच पूरी करके सरकार को रिपोर्ट सौंपनी है।
ED के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विकास दुबे की संपत्तियों से संबंधित जानकारी इकट्ठा करने के लिए एक टीम कानपुर गई थी। इस दौरान उससे जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई गई है।
जब पुलिस विकास दुबे को पकड़ने में सफल नहीं हो पा रही थी तो लिबरलों ने कहा कि योगी सरकार ब्राह्मण अपराधियों को बचाना चाह रही है। लिबरलों ने नैरेटिव फैलाया कि छोटे अपराधियों का एनकाउंटर किया जाता है.......