जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा है कि घाटी में पर्यटकों और बागानों को निशाना बनाने के बाद आतंकवादी अब जल और विद्युत आपूर्ति समेत पूरे बुनियादी ढांचे काे तबाह करने की कोशिश में हैं।
याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रपति को अनुच्छेद 370 से ही एक पब्लिक नोटिफिकेशन के ज़रिए उसे निरस्त करने की शक्ति मिली हुई थी। साथ ही कहा गया है कि यह एक अस्थाई प्रावधान था जिसे जोड़ने का मकसद राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था था।
"पाकिस्तान जिस ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा किए बैठा है, उस पर उसका खुद का ही नियंत्रण नहीं है; वो आतंकियों से कंट्रोल होती है। पीओके असल में एक आतंकियों द्वारा नियंत्रित देश या पाकिस्तान के भीतर का आतंकियों द्वारा नियंत्रित हिस्सा है।"
जम्मू-कश्मीर के मौजूदा राज्यपाल सत्यपाल मलिक को गोवा का राज्यपाल बनाया गया है। उनके स्थान पर गिरीश चंद्र मुर्मू को जम्मू-कश्मीर का पहला एलजी बनाया गया है। वहीं राधाकृष्ण माथुर लद्दाख के पहले एलजी होंगे। यह फैसला 31 अक्टूबर को लागू होगा।
पुलिस के सूत्रों के अनुसार जिहादी जम्मू कश्मीर में राज्य के बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को निशाना इसलिए बना रहे हैं ताकि उनमें डर बिठाया जा सके। इससे वे राज्य की व्यापर व्यवस्था को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं।
POK में 22 अक्टूबर की तारीख को 'काला दिवस' (‘Black Day’) मनाया जाता है। उस ही तारीख को 1947 में पाकिस्तानी सेना ने महाराज हरी सिंह के जम्मू और कश्मीर राज्य पर हमला किया था।
26,629 ग्राम स्तर पर पंच और सरपंच पदों पर आसीन उम्मीदवार BDC के अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी के योग्य पाए गए हैं। इनमें एक-तिहाई से ज़रा ही कम (8,313) अनुपात महिलाओं का है।