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कांवड़ियाँ

कागज तो दिखाना ही पड़ेगा: अमर, अकबर या एंथनी… भोले के भक्तों को बेचना है खाना, तो जरूरी है कागज दिखाना – FSSAI अब...

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कांवड़ रूट में नाम दिखने पर रोक लगाई जा रही है, लेकिन कागज दिखाने पर कोई रोक नहीं है।

काँवड़िए नहीं जान पाएँगे दुकान ‘अब्दुल’ या ‘अभिषेक’ की, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक: कहा- बताना होगा सिर्फ मांसाहार/शाकाहार के बारे में

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कांवड़ रूट पर दुकानदारों के नाम दर्शाने वाले आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।

काँवड़ यात्रा मार्ग के दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के निर्देश को चुनौती, NGO ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका: जमीयत का मदनी...

काँवड़ यात्रा मार्ग में पड़ने वाले होटल-ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाने के यूपी सरकार के निर्देश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

दुकानदारों को लिखना ही होगा नाम, हलाल बेचा तो खैर नहीं: काँवड़ रूट के लिए CM योगी ने दिया आदेश, उत्तराखंड में भी पहचान...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके अलावा यह आदेश भी दिया है कि कोई भी हलाल सर्टिफाइड उत्पाद ना बेंचे। जो भी ऐसा करे उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

जहाँ सब हैं भोले के भक्त, बोल बम की सेवा जहाँ सबका धर्म… वहाँ अस्पृश्यता की राजनीति मत ठूँसिए नकवी साब!

मुख्तार अब्बास नकवी ने लिखा कि आस्था का सम्मान होना ही चाहिए,पर अस्पृश्यता का संरक्षण नहीं होना चाहिए।

नई नहीं है दुकानों पर नाम लिखने की व्यवस्था, मुजफ्फरनगर पुलिस ने काँवड़िया रूट पर मजहबी भेदभाव के दावों को किया खारिज: जारी की...

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने ताजी एडवायजरी जारी की है, जिसमें दुकानों और होटलों पर मालिकों के नाम लिखने को ऐच्छिक कर दिया है।

खुद के लिए चाहिए ‘हलाल’ सिस्टम, लेकिन काँवड़िया रूट में ‘पहचान’ सिस्टम से भी परेशानी: लिबरल थेथरई के बीच हलाल के बारे में जानिए...

हलाल का मतलब है जिसकी अनुमति हो और हराम का मतलब है जिसकी अनुमति ना हो। हलाल मुस्लिमों के खाने-पीने के सामान और विशेष कर मांस से सम्बन्धित है।

काँवड़ के लिए 20 दिन रास्ते बंद हो सकते हैं तो नमाज के लिए 20 मिनट क्यों नहीं: सांसद बनने के बाद चंद्रशेखर ‘रावण’...

चंद्रशेखर ने कहा कि अगर हिंदुओं की काँवड़ यात्रा के लिए 20 दिन तक सारे रास्ते बंद किए जा सकते हैं तो 20 मिनट की नमाज के लिए आपत्ति क्यों है।

10 साल की उम्र, एक पैर भी नहीं, फिर भी भाई के लिए कूद-कूद कर 85 किमी चली नंदनी: बाबा गरीबनाथ का किया जलाभिषेक

10 साल की नंदिनी दिव्यांग है। फिर भी एक पैर से ही उसने 85 किलोमीटर की यात्रा की और बाबा गरीबनाथ का जलाभिषेक किया।

बरेली की मुस्लिम भीड़ पर पर्दा नहीं डाल सका जुबैर का क्रॉप्ड वीडियो, FIR में भी दर्ज मस्जिद के पास काँवड़ियों पर पत्थरबाजी से...

बरेली में काँवड़ियों पर पथराव करने वाली मुस्लिम भीड़ की बचाने की जुबैर की कोशिश नाकाम रही है। एफआईआर उनकी करतूतें बताती है।

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