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हार्दिक पटेल के चुनावी सपने को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तुरंत सुनवाई से किया इंकार

सुप्रीम कोर्ट ने हार्दिक पटेल को झटका देते हुए लोकसभा चुनाव लड़ने की अनुमति देने वली याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याचिका पर नियमित क्रम में ही सुनवाई होगी।

कॉन्ग्रेस ने घोषणा पत्र में सुरक्षा बलों पर लगाए यौन-शोषण सहित कई गंभीर आरोप

पूरे घोषणापत्र में कॉन्ग्रेस ने इस बात का कहीं उल्लेख नहीं किया है कि कश्मीरी पंडित घाटी में लौट सकते हैं या नहीं। 1990 में, घाटी के कट्टरपंथियों ने जिनका बलात्कार किया, हत्या की और बचे-खुचे हिंदुओं को घाटी से निकाल बाहर किया था।

झूठ, प्रपंच और प्रलाप से भरा है कॉन्ग्रेस का नया घोषणापत्र, अपने निकम्मेपन को स्वीकारा पार्टी ने

सिर्फ़ '20 लाख जॉब्स दे देंगे' कहने या लिख देने से जॉब्स पैदा नहीं हो जाते, उसके लिए आपको कुछ रोडमैप देना पड़ता है। इस मामले में कॉन्ग्रेस का घोषणापत्र फिसड्डी है और एक-एक लाइन की हज़ारों दावों और वादों की झड़ी है, अजय देवगन के 'हिम्मतवाला' की वन-लाइनर्स की तरह।

प्रिय फेसबुक, चोरों को चौधरी नहीं बनना चाहिए

मोदी सरकार को जिम्मेदारी तय कर फेसबुक इंडिया अधिकारियों को चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप के आरोप में तत्काल हिरासत में डालना चाहिए।

कॉन्ग्रेस प्रत्याशी पर PNB का ₹116 करोड़ का कर्जा, बैंक ने चुनाव आयोग से लगाई गुहार

चुनाव आयोग को पत्र लिखते हुए बैंक ने जेम्स के चुनाव न लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की माँग की है। साथ ही बैंक जान-बूझकर कर्ज न चुकाने वाले डिफॉल्टर की सूची में डालने की प्रक्रिया में है।

दंगों के नाम पर डराने वाली कॉन्ग्रेस का इतिहास 16000+ हिंदू-मुस्लिम-सिख के खून से लथपथ है

कॉन्ग्रेस शासनकाल में कई भीषण दंगे हुए, जिनको लेकर उन पर सवाल नहीं दागे गए। भाजपा शासनकाल में देश अपेक्षाकृत शांत है और ऐसी घटनाओं में कमी आई है। अगर हम 2011-2013 की बात करें तो उस दौरान भी कॉन्ग्रेस शासित राज्य सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में सबसे ज्यादा थे।

कॉन्ग्रेस के पतन के लिए पप्पू ने लगाया जोर: अखबार के शीर्षक पर बवाल, ‘अमूल बेबी’ अब भी प्रासंगिक

दक्षिण में राहुल ने वाम मोर्चा से ही लड़ने का फैसला ले लिया! इस पर अच्युतानंद का कहना है कि यह तो वैसे ही है जैसे किसी पेड़ की उस शाखा को काटना, जिस पर आप बैठे हैं। ऐसे में राहुल के बारे में उन्होंने जो सालों पहले ‘अमूल बेबी’ बोला था, वह आज भी वैसे ही लागू होता है।

मुश्किल चुनावों के दौरान सोनिया और इंदिरा भी भागी थीं दक्षिण भारत, जीत कर छोड़ दी थीं सीटें

हार के बाद इंदिरा गाँधी ने दक्षिण भारत का रुख किया। अपना पहला चुनाव लड़ रही सोनिया के लिए दक्षिण में 'सेफ सीट' खोजी गई। अब हार से डरे राहुल भी दक्षिण भारत भाग खड़े हुए हैं। चिकमंगलूर, बेल्लारी और अब वायनाड- क्या है इनमें समान?

‘NYAY’ योजना: जनता को ग़ैर-ज़िम्मेदार बनाता राहुल गाँधी का चुनावी ढकोसला

सरकार को जहाँ लोगों को जिम्मेदार बनाने की कोशिश करनी चाहिए, उन्हें मेहनत करके अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने के लिए प्रेरित करना चाहिए, वहाँ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष लोगों में मुफ्तखोरी का बीज बो रहे हैं।

कॉन्ग्रेस ज्वाइन करते ही लोग बौरा काहे जाते हैं? प्रियंका तो ‘C’ फ़ैक्टर है, पर बाकी?

जिस तरह की पार्टी है, और जैसे चाटुकार लोग हैं, वो लोगों की गालियों वाले ट्वीट को भी 'चर्चा में तो हैं हमलोग' मानकर निकल ले रहे हैं। मालिक तो पहले ही मूर्ख है, वो तो पेपर देखकर पढ़ नहीं पाता, उसको कुछ भी कह दो, क्या फ़र्क़ पड़ता है!

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