कॉन्ग्रेस पार्षद स्टैंजिन त्सेपाग के लद्दाख हिंसा में शामिल होने के दावे के साथ फोटो-वीडियो वायरल हुए थे। कॉन्ग्रेस ने 2 दिन बाद उस शख्स के पार्टी का पार्षद ना होने का दावा किया है।
सोनम वांगचुक ने अगस्त 2019 में लद्दाख के अलग UT बनने को दशकों पुरानी माँग का पूरा होना बताते हुए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया था, अब उन पर लेह में हिंसा भड़काने का आरोप है।
कॉन्ग्रेस पार्षद स्मानला दोरजे नोरबू ने प्रशासन को खुली चुनौती दी थी। उसने बीजेपी ऑफिस तक पहुँचने का लोगों से आह्वान किया। इसके बाद हुई हिंसा में ऑफिस को जला दिया गया।