ग्रेटर नोएडा में 17 साल के दलित लड़के के साथ बेरहमी से की गई मारपीट मामले में सोशल मीडिया पर कुछ लोग अलग खेल को खेल रहे हैं। बताया जा रहा है कि अनिकेत जाटव को मारने वाले ऊँची जाति के लोग थे इसलिए उत्तरप्रदेश सरकार उसे नहीं दिलाएगी।
देख सकते हैं कि सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने अपने ट्वीट में लिखा है- “एक 17 के दलित लड़के की उसके जन्मदिन पर ऊँची जाति वालों ने ग्रेटर नोएडा में बुरी तरह पिटाई की। उसे मारते हुए कहा गया- तेरी औकात क्या है?”
शमा लिखती हैं, “हर हफ्ते- दो हफ्ते में हम ऐसी खबरें देखते हैं जहाँ भाजपा राज में दलितों को मारा जा रहा है। नरेंद्र मोदी और उनकी डबल इंजल की सरकार पूरी तरह से दलितों को बचाने में विफल हो चुकी है।”

शमा के इस ट्वीट को पढ़कर शायद किसी को भी अपर कास्ट लोगों से घृणा हो जाए कि जातिवाद के कारण एक दलित को मारा गया और आपके मन में सवर्णों के लिए यही घृणा डालना शमा मोहम्मद का मकसद है।

इस केस में हकीकत यह है कि आरोपित अनुसूचित जनजाति से आने वाले लड़के थे। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में यह बात साफ लिखी गई है कि अनिकेत के साथ जो दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना हुई वो मीणा समुदाय से आने वाले लड़कों ने की। उन्होंने ही अनिकेत और उनके चाचा सुमित कुमार को डंडे और रॉड से पीटा था।
— POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR (@noidapolice) October 25, 2025
बाद में पुलिस ने इस केस में युवराज मीणा और जीतू मीणा को गिरफ्तार भी किया है। मगर शमा मोहम्मद जैसे लोग एक दलित लड़के की हत्या पर भी अपनी राजनीति करने में लगे हैं। उन्हें ये जानकारी भी नहीं है कि जिस समय वह ट्वीट कर रहीं थीं, उस वक्त अनिकेत की हालत क्या थी।

बता दें कि सिर्फ शमा मोहम्मद ही नहीं, समाजवादी पार्टी और भीम आर्मी के चंद्रशेखर आजाद तक ने भी इस मामले में बिन सच्चाई को जानें सवाल उठाए। नीचे स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं कि कैसे पूरे मामले को दलित बनाम अपर कास्ट बनाने का प्रयास हुआ है।

अनिकेत ने अस्पताल में तोड़ा दम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना 15 अक्टूबर की है। अंबेडकर नगर के रबूपुरा इलाके में हुई मारपीट के बाद अनिकेत गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती में था। एक हफ्ते तक उसने यहाँ जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ी और फिर उसने दम तोड़ दिया।
खबर आने के बाद भाजपा विधायक धीरेंद्र सिंह भी परिवार को सांत्वना देने पहुँचे। उनकी सीएम योगी से बात कराने की भी जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री ने खुद कार्रवाई का आश्वासान दिया है।
रबूपुरा के अनिकेत प्रकरण में दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। मेरी सांत्वना पीड़ित परिवार के साथ हैं। मौके पर पीड़ित के घर जाकर परिवार को ढांढस बंधाया और प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी से फ़ोन पर वार्ता भी कराई। #MLAJewar pic.twitter.com/jqeMoukvrW
— Dhirendra Singh (@DhirendraGBN) October 24, 2025
फिर भी कॉन्ग्रेस नेत्री, भीम आर्मी के नेता समेत उन जैसे लोग इस पूरे मामले में परिवार के साथ खड़े होने की जगह अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेंक रहे हैं। कभी आरोपितों को ‘अपर कास्ट’ का कहकर केस को उछाला जा रहा है तो कभी इसे ‘योगी सरकार की नाकामयाबी’ बताकर पेश किया जा रहा है।
FIR में क्या है?
इस पूरे मामले में हुई एफआईआर की कॉपी ऑपइंडिया के पास है। एफआईआर पढ़कर पता चलता है कि 15 अक्टूबर को जब सुमित और अनिकेत उसके जन्मदिन पर घूमने के लिए सयद पोखर गए थे तभी वहाँ आसिफ नाम का लड़का आया और उन्हें देखकर गया। इसके बाद ही युवराज, जीतू, रचीत, सुनील समेत कई लड़के आए और लाठी डंडे से दोनों को मारा गया। इस दौरान उनके साथ गाली-गलौच भी हुई। उन्हें जातिसूचक शब्द भी कहे गए। एफआईआर में युवराज, जीतू, रचीत, भरत, अंकित, पवन, सुनील को नामजद किया गया है। इनके अलावा 10-12 लोग अज्ञात पर केस दर्ज हुआ है।


