भारतीय सेना को ख़ुफ़िया जानकारी मिली थी कि पुलवामा में तीन आतंकी छिपे हुए हैं। इस जानकारी के आधार पर सेना की राष्ट्रीय राइफ़ल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के जवानों ने मिलकर त्राल क्षेत्र में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटे तक चले इस ऑपरेशन के अंत में...
मुर्मू पर हमले का आदेश आईएसआई ने कोटली में लश्कर और हिज्बुल के साथ बैठक में दिया। हमले की जिम्मेदारी लश्कर आतंकी जिया-उल-रहमान मीर को दी गई है। भाजपा के कई बड़े नेता भी लश्कर और हिज्बुल आतंकियों की हिट लिस्ट में हैं।
सुरक्षा बलों और एजेंसियों की सक्रियता के कारण आतंकी अब तक अपने मंसूबों में नाकाम रहे हैं। लेकिन, राष्ट्रीय सुरक्षा के रणनीतिकारों का मानना है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी गुट ठंड बढ़ने पर हमले की कोशिश करेंगे।
नई दिल्ली ज़िला पुलिस उपायुक्त ईश सिंघल ने आतंकी धमकी के संबंध में बताया कि "हमारे पास किसी भी तरह के ख़तरे का कोई ख़ुफ़िया जानकारी (इनपुट) नहीं है, लेकिन हमने दिवाली से पहले शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है।"
IAF की एयरस्ट्राइक के 6 महीने बाद पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं। जानकारी के अनुसार जैश-ए-मोहम्मद के 40 से 50 आतंकवादी इस समय वहाँ ट्रेंनिंग ले रहे हैं, जिनमें फिदायीन हमलावर भी शामिल हैं।
ख़ुफ़िया इनपुट्स के मुताबिक जैश कमांडर अबू उस्मान के नेटवर्क से जुड़ा मॉड्यूल दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाके में घुस अपने मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में है। इनका मकसद त्योहारों में भीड़भाड़ वाले इलाके में तबाही मचाना है। निशाने पर चार प्रमुख बाजार हैं।
आतंकियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अब तक सीलमपुर और उत्तर पूर्वी दिल्ली के 2 स्थानों एवं जामिया नगर और सेंट्रल दिल्ली के पहाड़गंज स्थित 2 जगहों पर छापेमारी की है। इसके अलावा 2 लोगों को पूछताछ के लिए भी हिरासत में लिया गया है।
आईबी ने राजस्थान के पास सीमा पर अतिरिक्त पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती के बारे में सचेत किया है। बताया जा रहा है कि आर्टिकल 370 हटाए जाने की भनक नहीं लगने से आईएसआई पर बहुत ज्यादा दबाव है। यह एजेंसी के इतिहास की सबसे बड़ी विफलता मानी जा रही है।
हर्षपाल और उनकी टीम ने जम्मू में झज्जर-कोटली में पिछले सितंबर में तीन आतंकवादियों का ख़ात्मा किया था। मुठभेड़ में गोली और छर्रे लगने से वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे, पर वो आतंकियों के सामने मज़बूती से डटे रहे और उन्हें मार गिराने तक पीछे नहीं हटे।
वारपोरा इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने शनिवार सुबह घेराबंदी एवं तलाश अभियान शुरू किया। छिपे हुए आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकवादी मारा गया।