रूस से तेल की खरीदारी करने पर व्हाइट हाउस के बिजनेस एडवाइजर पीटर नवारो ने भारत पर पुतिन की युद्ध मशीन को फंड करने का आरोप लगाया है। इससे अमेरिका का दौहरा रवैये साफ दिखता है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने लगातार यूक्रेन के NATO में शामिल होने का विरोध किया है और मौजूदा रूस-यूक्रेन संघर्ष की बड़ी वजह भी यूक्रेन का NATO की सदस्यता लेने की पहल करना माना जाता है।
पुतिन ने ट्रंप प्रशासन आने के बाद रूस और अमेरिका के बीच व्यापार 20% तक बढ़ने का दावा किया है। भारत कह चुका है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भी USA, रूस से व्यापार कर रहा है।
ट्रंप और पुतिन की बैठक रूस-यूक्रेन संघर्ष पर बिना ठोस समझौते के खत्म हो गई। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि वो फिलहाल उन देशों पर 'सेकेंडरी टैरिफ' लगाने की नहीं सोच रहे हैं जो रूस से तेल खरीदते हैं।
सीरिया में पूर्व ISIS आतंकी से हाथ मिलाने और अफगानिस्तान को तालिबान के हवाले करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान फौज से दोस्ती गाँठी है। जो भारत समेत पूरे क्षेत्र में आतंकवाद फैलाती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर पर तीखा हमला बोला है। राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ लोग खुद को दुनिया का बॉस समझ बैठे हैं।