ये दो राष्ट्रीय पार्टियों के प्रदेश अध्यक्षों की लड़ाई होगी। दोनों ही ब्राह्मण हैं और दोनों ही पूर्वांचल से आते हैं। इस सीट पर पूर्वांचलवासियों की अच्छी-ख़ासी तादाद को देखते हुए कॉन्ग्रेस और भाजपा दोनों ने ही उपयुक्त चेहरे पर दाँव खेला है। शीला बनाम तिवारी एक दिलचस्प मुक़ाबला होगा।
आम आदमी पार्टी लगातार कॉन्ग्रेस के साथ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में गठबंधन करने को कह रही है। अभी हाल ही में केजरीवाल और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी कॉन्ग्रेस से गठबंधन के लिए अपील की थी।
शीला दीक्षित ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि इन सब मामलो में सामान्य पार्टी कार्यकर्ताओं की राय नहीं ली जा सकती है और हमे हर हाल में आलाकमान का जो भी फैसला हो उसे ही मानना पड़ता है।