कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा बनाई गई जाँच समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस हिंसा में ममता बनर्जी की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के स्थानीय नेताओं की अहम भूमिका रही।
पश्चिम बंगाल की प्रियंका दत्ता ने बताया है कि कैसे पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने पर उसे मुसलमानों से अपहरण और बलात्कार की धमकियाँ मिलीं। यही नहीं अधिकारी भी घर पर आकर धमकी देकर गए हैं कि पोस्ट हटा लो वरना माता-पिता को भुगतना पड़ेगा।
भाजपा नेता ने बताया कि कैसे मुर्शिदाबाद हिंसा में पीड़ितों को निशाना बनाकर उनकी जमापूँजी खाक की गई थी, उन्होंने वो जले हुए नोट भी दिखाए और जानकारी दी कि दो परिवारों को उन्हें सहायता दे दी है।
मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद जब शांति बैठकें होनी शुरू हुईं तो उसमें दूर-दूर से टीएमसी के नेता आए, मगर बहरामपुर सीट से सांसद होने के बावजूद युसूफ इन बैठकों से गायब दिखे।