ये कट्टरपंथी जमात मजहब देखकर सबाब का काम करती है और ये भूल जाती है कि जिस सेना को ये लोग 'शराबी-बलात्कारी' बताते हैं वही सेना हर मुश्किल घड़ी पर सबसे आगे मदद के लिए रहती है।
राहुल गाँधी ने पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे की जिस 'फोर स्टार ऑफ डेस्टिनी' किताब को संसद में दिखाया, वह अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। पब्लिशर 'पेंगुइन' ने इस मामले में बयान जारी किया है।
गणतंत्र दिवस पर वीर सैनिकों को सम्मान से दिए जाने वाले 'शौर्य चक्र' के प्रशस्ति पत्र से सेना के म्यांमर में गुप्त ऑपरेशन का खुलासा हुआ है। सेना ने सीमापार जाकर उग्रवादी कैंप नष्ट किया।