इन टीमों के कार्यक्षेत्र में हॉटस्पॉट्स, हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर, आपदा प्रबंधन, राज्यों की सहायता, लॉकडाउन के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति......
“हमें ब्लड प्रेशर की दवा नहीं मिल रही है। इस क्षेत्र में पुलिस बहुत सख्त है। सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं है। मेरे पिता बुजुर्ग हैं और कई बीमारियों से पीड़ित हैं। मुझे इस बात का भी भरोसा नहीं है कि मुझे मेरा अगला वेतन मिलेगा या नहीं।”
जर्नलिस्ट चित्रा त्रिपाठी आजतक का शो एंकर कर रही थीं। उन्होंने अपने शो में कह दिया कि ममता बनर्जी ने राज्य में लॉकडाउन को इस महीने की 40 तारीख तक बढ़ा दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन नहीं होने पर जवाब मॉंगा है। कहा है कि राज्य में गैर जरूरी चीजों की दुकाने खोलने और मजहबी जमावड़े के लिए इजाजत दिए जाने की सूचना मिली है। राशन प्रशासन की बजाए नेता बॉंट रहे हैं।
राज्य में एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई जा चुकी है जो इस बात की जाँच करेगी कि जिनकी मृत्यु कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद हुई है क्या वाकई उनकी मौत का कारण कोरोना संक्रमण ही है।
वाइस प्रिंसिपल से संतुष्टीपूर्ण जवाब न मिलने पर डॉक्टरों ने एक बार फिर से पीपीई किट के लिए दबाव डाला। इसके जवाब में उन्होंने डॉक्टरों को ड्यूटी पर आने के लिए मना कर दिया।