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मीडिया गिरोह

Fake News फैलाने वाले पत्रकार भी यूपी पुलिस की रडार पर: राजदीप, थरूर समेत 11 पर देशद्रोह का मामला दर्ज

इसके अलावा नेशनल हेराल्ड की वरिष्ठ सम्पादकीय सलाहकार मृणाल पांडे, कौमी आवाज के जफर आगा, कारवा पत्रिका के मुख्य संपादक प्रकाशक परेशनाथ, कारवाँ पत्रिका के अनन्तनाथ व इसी पत्रिका के कार्यकारी संपादक विनोद और एक अज्ञात का नाम शामिल है।

त्रिपुरा कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पर हमले में पार्टी के ही अल्पसंख्यक सेल का प्रमुख हुसैन गिरफ्तार

त्रिपुरा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष पीयूष कांति बिस्वास पर हुए हमले में पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रमुख जॉयदुल हुसैन को गिरफ्तार किया गया है।

कैपिटल हिल में हिंसा के दौरान एक हिन्दू लहरा रहा था भगवा झंडा? लिबरल गिरोह के दावे का फैक्टचेक

वाशिंगटन डीसी में भगवा झंडा लिए हुए इस व्यक्ति की तस्वीर 5 अगस्त 2020 की है, यानी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि के भूमि पूजन के ठीक बाद की तस्वीर।

NDTV पत्रकार के लिए हिन्दुओं की यात्रा पर पत्थरबाजी संवैधानिक अधिकार है, उस पर कानून न बने

NDTV के पत्रकार जैन ने मध्यप्रदेश की ओर इशारा करते हुए उज्जैन में हुई हिंसा का सारा ठीकरा राम मंदिर डोनेशन यात्रा पर फोड़ा और कहा कि उसी से हिंसा भड़की, लेकिन सरकार ने पत्थरबाजों के ख़िलाफ़ कानून बना दिया।

देवी-देवताओं को कोई मुनव्वर गाली दे तो चुप रहें, वरना भास्कर गुंडा कहेगा

'भास्कर' चाहता है कि देवी-देवताओं को गाली देना कोई 'मुनव्वर' अपना करियर ऑप्शन बना ले और आप सुनते रहें। विरोध नहीं करें। ऐसा करेंगे तो यह गुंडई होगी।

फेक न्यूज़ में द वायर ने घुसाया जातिगत एंगल वहीं आरोपितों के मुस्लिम होने पर छिपाया उनका मज़हब और नाम: जानें क्या है मामला

प्रोपेगैंडा वेबसाइट द वायर ने हिंदू विरोधी खबर को अंजाम देने की जल्दबाजी में न केवल झूठी खबर को फैलाया, बल्कि अपराध को जातिगत एंगल देकर लोगों को भड़काने का भी काम किया।

वाकई मुसलमान भारत में अल्पसंख्यक हैं, अलग-थलग हैं?

शेखर गुप्ता अकेले नहीं हैं। राजदीप से लेकर रवीश कुमार तक एक हरी-भरी जमात है, जिसके लिए अल्पसंख्यक की बातों का मतलब मुस्लिमपरस्ती है।

’41 किसानों की मौत’: लौट आया ‘नोटबंदी से होने वाली मौत’ वाला नैरेटिव किसान आंदोलन में भी

क्या किसान आंदोलनों से आ रहीं किसानों की मौत की खबरें वास्तव में धरना-प्रदर्शन से जुड़ी हुई मौत हैं? नोटबंदी के दौरान भी '32 दिन में 100 मौत' का चलन देखने को मिला था।

‘द इकोनॉमिस्ट हमेशा भारत विरोधी रहा’: NDTV पत्रकार श्रीनिवासन के मोदी विरोधी एजेंडे को HDFC चेयरमैन ने किया पस्त

HDFC के चेयरमैन दीपक पारेख इससे पहले केंद्र सरकार के बदलावों की सराहना कर चुके हैं। उन्होंने कृषि में बदलावों और श्रम कानून में आए बदलावों में भी सरकार का समर्थन किया था।

आढ़ती को हटा दें तो बहुत सी समस्या खत्म हो जाएगी: रवीश ने पाँच साल पहले ये ज्ञान दिया था, अब पलटदास काहे बन...

यही रवीश कुमार साल 2015 में इन किसानों की हालात पर चिंता जताते हुए बता चुके थे कि मंडियों में किसान आढ़ती के चंगुल में फँसा हुआ है, जहाँ उन्हें गुलाम बनाया जा रहा है।

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