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Fake News फैलाने वाले पत्रकार भी यूपी पुलिस की रडार पर: राजदीप, थरूर समेत 11 पर देशद्रोह का मामला दर्ज

एफआईआर में आरोपित बनाए गए हस्तियों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 153 ए, 153 बी, 295-ए, 298, 504, 506, 505 (2), 124-ए, 34, 120 बी और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत नोएडा सेक्टर 20 थाने में मामला दर्ज हुआ है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी में किसान प्रदर्शनकारियों के उत्पात के बाद केवल किसान नेताओं पर कार्रवाई नहीं हुई बल्कि कुछ पत्रकारों पर भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। खबर है कि अफवाह फैलाने, हिंसा भड़काने के लिए कई पत्रकार पुलिस की रडार पर हैं। एबीपी पत्रकार विकास भदौरिया ने इसकी जानकारी अपने ट्विटर पर दी है।

अंकित जैन नाम के सक्रिय ट्विटर हैंडल से भी इस संबंध में एक ट्वीट किया गया है। उन्होंने एक एफआईआर की कॉपी शेयर करते हुए लिखा, “फर्जी समाचार साझा करने के लिए महाराज जी के उत्तर प्रदेश में राजदीप, शशि थरूर और अन्य के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा हुआ है।”

अंकित ने ट्वीट में एफआईआर की कॉपी भी शेयर की है। इसमें फर्जी जानकारी साझा करने वालों में कॉन्ग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम है। इंडिया टुडे न्यूज एंकर राजदीप सरदेसाई का नाम है।

इसके अलावा नेशनल हेराल्ड की वरिष्ठ सम्पादकीय सलाहकार मृणाल पांडे, कौमी आवाज के जफर आगा, कारवा पत्रिका के मुख्य संपादक प्रकाशक परेशनाथ, कारवाँ पत्रिका के अनन्तनाथ व इसी पत्रिका के कार्यकारी संपादक विनोद और एक अज्ञात का नाम शामिल है। 

साझा किए गए फोटो के अनुसार, एफआईआर में आरोपित बनाए गए हस्तियों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 153 ए, 153 बी, 295-ए, 298, 504, 506, 505 (2), 124-ए, 34, 120 बी और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत नोएडा सेक्टर 20 थाने में मामला दर्ज हुआ है। 

यहाँ मालूम हो कि 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के संबंध में कई जगह पुलिस को नकारात्मक दिखाने के लिए फर्जी जानकारी फैलाई गई थी। इस कड़ी में राजदीप पर पहले ही उनका संस्थान इंडिया टुडे समूह उन्हें दो हफ्तों के लिए ऑफ एयर करके कार्रवाई कर चुका है। वहीं सरदेसाई भी नाराज होकर अपने चैनल को इस्तीफा दे चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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