किसी को ब्राह्मण के नाम पर विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला तो किसी को निषाद के नाम पर फूलन देवी याद आ रही है। वोट के लिए जातिवाद में अपराधियों को ही नायक क्यों बनाया जाता है?
टीएमसी के साथ कॉन्ग्रेस सांसद की नजदीकियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में कोलकाता में फर्जी वैक्सीनेशन को लेकर जब विवाद हुआ था तो अभिजीत मुखर्जी ने ममता बनर्जी का समर्थन किया था।