लेफ्ट-लिबरल और कॉन्ग्रेसी इकोसिस्टम ने UPI से लेन-देन पर झूठ फैलाने की साजिश रची और मीडिया के एक वर्ग ने भी आग में घी डालने का काम किया। जानें- क्या है पूरा सच
सोनम वांगचुक के अस्पताल जाते ही CJP के मंच पर अब 'डफलीबाज गैंग' का कब्जा हो गया है। AISA के नेहा बोरा और उसके साथी बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले पुराने 'आंदोलनकारी' रहे हैं।
'द वायर' की 'पत्रकार' आरफा खानम शेरवानी से दिल्ली आतंकी हमले को लेकर पूछे गए सवाल को उन्होंने 'मजेदार' बताकर टाल दिया। इससे लेफ्ट-लिबरल की मानसिकता उजागर हो गई।
पूर्व सांसद विजयराघवन ने कहा था, "जो पत्रकार अच्छे कपड़े पहनते हैं, वे झूठ बोलते हैं। अच्छे शर्ट और पैंट पहनने वालों और लिपस्टिक लगाने वालों से सावधान रहना चाहिए।"