क्या विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने जो ट्रम्प के साथ किया, वह भारत में पीएम मोदी के साथ भी हो सकता है? तो जान लीजिए, भारत, अमेरिका नहीं है और ना ही मोदी, ट्रम्प हैं।
प्रदर्शनकारियों ने एक गधे का पुतला भी बनाया और उसके चेहरे पर पीएम मोदी की तस्वीर चिपका दी थी। वहीं इसके शरीर पर मुकेश अंबानी और अडाणी की तस्वीरें लगाई गई थी। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री ‘कुत्ता’ भी कहते हैं।
आप किसी साधु की तस्वीर डालते हैं। ट्विटर-फेसबुक उसे कट्टर बताते हुए सेंसर कर दें। आप वेद-पुराणों से उद्धरण डालते हैं। उन्हें अन्धविश्वास की केटेगरी में रख दिया जाए। खुश मत होइए, भारत में ये दिन जल्द ही देखने को मिल सकता है।