वफ़ादार मीडिया को उम्मीद थी कि प्रियंका गाँधी वाड्रा उनकी रक्षक होंगी। और इसीलिए उन्होंने भाई-बहन की जोड़ी को मसीहा के रूप में प्रचारित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें यह एहसास हो चला है कि वो अब तक किसी हारने वाले घोड़े पर ही दाँव लगाते रहे।
Faking News के लेख में जातिगत नजरिया तलाश कर 'दी लल्लनटॉप' ने इसे फ़ौरन लपक लिया और इसके सम्पादक ने आम चुनावों के बीच में इस खबर को प्रकाशित करने का निर्णय लिया। इंडिया टुडे समूह के इस समाचार वेबसाइट ने अपने पाठकों को मारक मजा देने की मम्मी कसम खाई है। हो सकता है, इसी कारण अपने दैनिक ‘कट्टर पाठकों’ की सोचने की क्षमता को भाँपते हुए ही उन्होंने इस रिपोर्ट समझाने का एक प्रयास किया हो।
कृष्णा फोटोशॉप पर लोगों से हमेशा मसखरी करते हैं- खासकर नेताओं को तो वह बिलकुल नहीं बख्शते। यहाँ तक कि मोदी-शाह भी उनके फोटोशॉप के हमले से ‘महफूज’ नहीं रह पाए।
जब एक काले कुत्ते को सीढियाँ चढ़ते वक़्त दिख गया कॉन्ग्रेस का झंडा... और फिर उसने जो किया, वो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया... लोग इसे जम कर शेयर कर रहे हैं। आप भी मज़े लीजिए इस वीडियो का।
ट्विंकल के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर बच्चे की तस्वीर वायरल होने लगी है। वायरल होने की एक बड़ी वजह यह भी है कि जहाँ जनता अभी केजरीवाल के अपनी कही हर बात से पलटाउ नज़ारे देख रही है, वहीं केजरी और ट्विंकल खन्ना दोनों की फैंस फॉलोइंग सोशल मीडिया पर जबरदस्त है।
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने राहुल गाँधी की जमकर खिल्ली उड़ाई। ग़लत दस्तावेज़ों पर चुटकी लेते हुए एक यूज़र ने लिखा कि फँस गया पप्पू...अब होगा असली दंगल।
यहाँ तुफैल अहमद ने दो बड़ी गलतियाँ की। पहली ग़लती, हिन्दू देवी-देवताओं द्वारा धारण किए गए अस्त्र-शस्त्रों को हिंसा से जोड़कर देखा। दूसरी ग़लती, माँ सरस्वती के बारे में बिना तथ्य जाने झूठ बोला। दोनों ही गलतियों को तथ्यों व सबूतों के साथ काटा गया है। 'शांतिप्रिय' तुफैल शायद...
चिठ्ठी के मुताबिक, मुरली मनोहर जोशी ने सड़क किनारे पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बड़े-बड़े पोस्टरों का जिक्र करते हुए लिखा कि जिन सिद्धातों को लेकर उत्साह के साथ पार्टी बनाई गई थी, आज घर के लोगों ने ही अपमानित करके हमें बाहर कर दिया।