आग की लपटें करीबन ढाई घंटे तक प्रतिमा के पास जलती रहीं। इस दौरान धीरे-धीरे माँ पर चढ़ाई जाने वाली चुनर और धागे सब भस्म हो गए। माँ की प्रतिमा वैसी की वैसी रही।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने 22 मार्च 2024 को ये फैसला सुनाया, उन्होंने कहा कि कन्यादान हिंदू विवाह की अनिवार्य शर्त नहीं है।
मस्जिद समिति के सदस्य अकील पहलवान ने कहा कि वे पिछले 4-5 वर्षों से होली के दौरान मस्जिदों को ढक रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन पर रंग न लगे।