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कोरोना वैक्सीन के नाम पर राजस्थान में 23 साल के युवक की नसबंदी: परिवार के इकलौते बेटे की पिछले साल हुई थी शादी, नहीं है संतान

भूपालपुरा थाना पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट में भी मामला दर्ज किया है। पुलिस संबंधित अस्पताल से नसबंदी का रिकॉर्ड जुटाने का प्रयास कर रही है। बता दें कि नसबंदी के आँकड़े को पूरे करने के लिये झाँसा देने के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।

राजस्थान (Rajasthan) के उदयपुर में कोरोना वैक्सीन का झाँसा देकर एक विवाहित युवक की नसबंदी (Sterilization) कर दी गई। पीड़ित युवक ने इस संंबंध में भूपालपुरा थाने में मामला दर्ज कराया है। युवक का कहना है कि अभी हाल ही में उसकी शादी हुई थी और उसकी कोई संतान भी नहीं है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

प्रतापनगर गुरुद्वारे के पास रहने वाले 23 वर्षीय कैलाश पुत्र बाबूलाल गमेती ने आरोप लगाया है कि 29 दिसंबर 2021 की सुबह वह शहर की बेकनी पुलिया के समीप मजदूरी के लिए खड़ा था। उसी समय वहाँ हिरणमगरी सेक्टर-5 निवासी नरेश चावत आया और दो हजार रुपए दिलाने का वादा करके उससे कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए कहा। पैसों के लालच में आकर कैलाश उसके साथ वैक्सीन लगवाने चला गया।

कैलाश का आरोप है कि नरेश उसे स्कूटी पर एक हॉस्पिटल में ले गया, जहाँ उसे इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया। बाद में उसका नसबंदी का ऑपरेशन कर दिया गया। होश में आने के बाद नरेश ने कैलाश को उसकी बहन के घर छोड़ दिया और उसे 1100 रुपए दे दिए गए।

नसबंदी होने के बाद से उसका परिवार काफी परेशान हैं। पीड़ित अपने परिवार में एक इकलौता बेटा है। पिछले साल ही उसकी शादी हुई थी और उसकी कोई संतान भी नहीं है। भूपालपुरा थाना पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट में भी मामला दर्ज किया है। पुलिस संबंधित अस्पताल से नसबंदी का रिकॉर्ड जुटाने का प्रयास कर रही है।

गौरतलब है कि नसबंदी के आँकड़े को पूरे करने के लिये झाँसा देने के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही नसंबदी शिविरों में भी अनियमितता की शिकायतें भी मिलती रहती हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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