Wednesday, January 19, 2022
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‘कोरोना संक्रमित होने के बाद मेरा लिंग 1.5 इंच छोटा हो गया’: 30 वर्षीय व्यक्ति का हैरान करने वाला दावा, कहा- सेक्स पावर कम हो गया है

जुलाई 2021 में यह व्यक्ति चीनी कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ था। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। इस व्यक्ति के अनुसार कोरोना ने उसके वस्कुलर सिस्टम को नुकसान पहुँचाया है।

एक पोडकास्ट प्रोग्राम है- हाउ टू डू इट। इसमें सेक्स से जुड़ी सलाह दी जाती है। इसी कार्यक्रम में एक अमेरिकी व्यक्ति ने चौंकाने वाला दावा किया। उसका कहना है कि कोरोना संक्रमण की वजह से उसका लिंग करीब 4 सेंटीमीटर (1.5 इंच) सिकुड़ गया है। 30 वर्षीय इस व्यक्ति का कहना है इसकी वजह से उसका आत्मविश्वास प्रभावित हुआ है। साथ ही सेक्स की क्षमता भी प्रभावित हुई है।

जुलाई 2021 में यह व्यक्ति चीनी कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ था। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। इस व्यक्ति के अनुसार कोरोना ने उसके वस्कुलर सिस्टम को नुकसान पहुँचाया है। खून के प्रवाह के लिए यह सिस्टम जिम्मेदार होता है और इसमें नसें और धमनियाँ आती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित ने दावा किया, “मैं 30 साल का हूँ। मुझे जुलाई 2021 में कोरोना हुआ था। कुछ दिन मेरा इलाज अस्पताल में चला। अस्पताल से छुट्टी पाने के बाद मैंने पाया कि मेरा प्राइवेट पार्ट पहले के मुकाबले छोटा हो गया है। मुझे नपुंसकता (Erectile Dysfunction) की भी बीमारी हो गई थी। हालाँकि यह दवाओं से ठीक हो गई। पर मेरे छोटे हुए प्राइवेट पार्ट को डॉक्टरों ने कभी न ठीक हो पाने वाली दिक्क्त बताया है।”

अमेरिकी यूरोलॉजिस्ट एशले विंटर ने बताया, “किसी व्यक्ति की उत्तेजना की स्थिति में उसका दिमाग उसके प्राइवेट पार्ट की नसों में रक्त का प्रवाह भेजता है। पर जब यह नहीं हो पाता है तो प्राइवेट पार्ट तनाव न होने के चलते छोटा रह जाता है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की बीमारी से भी यही समस्या आती है। प्राइवेट पार्ट में खून को रोकने वाला यह COVID का एक बेहद दुर्लभ लक्षण है। बाद में यही नपुंसकता का कारण भी बन सकता है। इसी बीमारी से उबार चुके 2 अन्य पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में भी वायरस के ट्रेसेस पाए गए थे। इससे उनका व्यक्तिगत जीवन प्रभावित हुआ। इसका इलाज करवाने के लिए उन्हें बाद में इम्प्लांट सर्जरी भी करवानी पड़ी थी।”

उल्लेखनीय है कि लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज ने इसको लेकर एक अध्ययन भी किया था। कोरोना से संक्रमित 3400 लोगों पर हुए इसे अध्ययन में 200 लोगों के साथ यह दुर्लभ समस्या पाई गई थी। इसी तरह वर्ल्ड जर्नल ऑफ मेन्स हेल्थ में प्रकाशित अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी मिलर स्कूल ऑफ मेडिसिन के अध्ययन में भी कहा गया था कि लंबे समय तक संक्रमित रहने के कारण कुछ लोगों में नपुंसकता के लक्षण मिले हैं।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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