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16 साल की जैन बालिका ने रखा 110 दिन का उपवास, सिर्फ पानी पीती थी: इधर ‘तपस्या’ थी जारी, उधर स्कूल भी जाती रही

कृशा के परिवार को यह काम भले ही मुश्किल लग रहा हो, लेकिन उनके जैन गुरुओं - मुनि विजय हंसरत्नसूरी और मुनि पद्मालक्षविजय को विश्वास था कि वह यह उपलब्धि प्राप्त कर सकती हैं। कृशा के गुरुओं ने कहा कि लोग इतना लंबा उपवास एक से दो वर्ष में करते हैं, लेकिन कृशा ने यह मात्र एक बार में कर दिखाया है जो अद्भुत है।

मुंबई की एक 16 वर्षीय जैन बालिका कृशा शाह ने 110 दिन का उपवास पूरा किया है। इस दौरान उसने मात्र गुनगुना पानी ही पीया। परिवार ने अपनी बेटी की इस उपलब्धि के लिए एक उत्सव का भी आयोजन किया। इस दौरान जैन धर्मगुरुओं ने कृशा को आशीर्वाद दिया।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई के कांदिवली की रहने वाली 16 वर्षीय कृशा शाह ने 11 जुलाई 2023 से इस उपवास की शुरुआत की थी। उन्होंने पहले मात्र 16 दिन बिना खाए उपवास करने का संकल्प लिया था, लेकिन बाद में उसे बढ़ाती गईं।

कृशा सुबह 9 से शाम 6:30 बजे के बीच मात्र गुनगुना पानी पीती थी। उन्हें जब प्रारम्भ में मात्र पानी पीने से कोई दिक्कत नहीं हुई तो उन्होंने अपने उपवास को 10 दिन और बढ़ा दिया। 26 दिन पूरे होने के बाद कृशा ने इसे पुनः पाँच दिन और बढ़ाकर 31 दिन कर दिया।

जब यह लक्ष्य भी पूरा हो गया तो कृशा ने इसे 51 दिन कर दिया। इस तरह वह लगातार अपने उपवास का लक्ष्य बढ़ाती रहीं। कृशा ने 51 दिन पूरे होने के बाद जैन धर्म के पवित्र पर्यूषण पर्व के दौरान अपने उपवास को 20 दिन और बढ़ा दिया।

जब असंभव से लगने वाले 71 दिन भी कृशा ने बिना किसी समस्या के पूरे कर लिए तो उन्होंने लक्ष्य बनाया कि क्या वह 108 दिनों के शुभ आँकड़े को वह छू सकती हैं? उन्होंने 108 दिन भी सफलतापूर्वक पूरे कर लिए और इसमें दो दिन और जोड़ दिए।

कृशा के परिवार ने बताया है कि कृशा 40 दिन के उपवास तक अपने स्कूल भी जाती रहीं। वह कक्षा 11 की छात्रा हैं। कृशा के पिता एक स्टॉक ब्रोकर हैं और उनकी माँ एक गृहणी हैं। कृशा दो बहने हैं और वह दोनों में बड़ी हैं।

कृशा के परिवार ने बताया है कि वह पहले भी लम्बे उपवास रख चुकी हैं। जब वह मात्र 9 वर्ष की थीं तब उन्होंने 8 दिन उपवास रखा था और जब वह 14 वर्ष की थीं तब उन्होंने 16 दिन का उपवास रखा था। बताया गया है कि कुछ जैन साधुओं ने इतने लम्बे उपवास पहले रखे हैं, लेकिन 16 वर्ष की बच्ची के लिए यह उपलब्धि प्राप्त करना पहली बार देखा गया है।

कृशा के परिवार को यह काम भले ही मुश्किल लग रहा हो, लेकिन उनके जैन गुरुओं – मुनि विजय हंसरत्नसूरी महाराज और मुनि पद्मकलश महाराज को विश्वास था कि वह यह उपलब्धि प्राप्त कर सकती हैं। कृशा के गुरुओं ने कहा कि लोग इतना लंबा उपवास एक से दो वर्ष में करते हैं, लेकिन कृशा ने यह मात्र एक बार में कर दिखाया है जो अद्भुत है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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