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पढ़ने जाता था स्कूल, बना दिया ईसाई: मुंबई के रैपर लोका ने खोली मिशनरी स्कूलों में चल रही ब्रेनवाशिंग की पोल

“नहीं, वे अनुमति नहीं माँगते हैं या आपको खुले तौर पर कुछ नहीं बताते हैं कि वे आपको ईसाई बना रहे हैं। यह बहुत छिपे तौर पर बारीकी से होता है।"

गीतकार लोका के नाम से विख्यात रैपर ने पॉडकास्ट अनट्रिगर्ड विद अमिनजाज़ में ईसाई मिशनरियों के बारे में चौंकाने वाला खुलासा किया है। बचपन के मूल नाम अभिनय लोक बिस्टा से लोका बने गीतकार ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि बचपन में ही हॉस्टल और कॉन्वेंट स्कूलों में उन्होंने अनजाने में बपतिस्मा ले लिया था और लगभग ईसाई ही बन गए थे लेकिन अपनी माँ की वजह से बच गए। 

लोका ने अपने बचपन के दिनों के बारे में बात करते हुए बताया कि अगर उनकी माँ उनके बचाव में नहीं आतीं तो  उन्होंने बपतिस्मा ले लिया था और लगभग ईसाई मजहब अपना लिया था।  लोका बताते हैं, “मैं जेवियर्स हॉस्टल में था। तभी ईसाई मिशनरी के लोगों ने उन्हें बपतिस्मा दिया और लगभग ईसाई बना दिया। जब उनकी माँ को इन षडयंत्रों के बारे में पता चला, तो वह आईं और उन्हें उसी दिन निकालकर बाहर ले गईं। 

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने जानबूझकर और अपनी इच्छा से ईसाई मत अपनाया? तब लोका ने अपनी ब्रेनवॉशिंग और ईसाई हथकंडों पर कहा, “नहीं, वे अनुमति नहीं माँगते हैं या आपको खुले तौर पर कुछ नहीं बताते हैं कि वे आपको ईसाई बना रहे हैं। यह बहुत छिपे तौर पर बारीकी से होता है। जब तक मेरी माँ को इसके बारे में पता चला, तब तक मैं पहले ही 3 क्रिसमस मना चुका था और रोज़री बॉय बन गया था।

इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि स्कूलों और छात्रावासों में ईसाइयत का प्रचार-प्रसार बड़े पैमाने पर होता है, जहाँ मिशनरी छात्रों को ईसाई मत में परिवर्तित करने के लिए अलग-अलग हथकंडे इस्तेमाल करते हैं।

यहाँ वह पूरा पॉडकास्ट है जिसमें लोका ने इस तरह की साजिशों का खुलासा किया है। 

गौरतलब है कि लोका मुंबई के प्रभावशाली हिप-हॉप कलाकारों में से एक हैं। उनके कई रैप सांग बेहद पॉपुलर है, जिसमें ‘ऑटोबायोग्राफी’, ‘क्या बोलते ब्रो’, ‘माफिया’ के अलावा और भी बहुत कुछ शामिल हैं। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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