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₹15,000 की बचत हर साल, मोदी सरकार लगाएगी आपके घर में सोलर प्लांट: बजट 2024 से हर घर को फायदा, जानिए क्या है प्रोसेस

घरों की छतों पर सोलर ऊर्जा पैदा करने के लिए प्लांट लगाए जाएँगे। यह प्लांट सरकार लगाएगी। जिन लोगों के घरों पर यह सोलर ऊर्जा पैदा करने वाले प्लांट लगेंगे, उन्हें इसके बाद कोई बिल नहीं देना होगा।

मोदी सरकार का अंतिम और अंतरिम बजट 2024-25 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के एक करोड़ घरों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली का ऐलान किया है। यह मुफ्त बिजली सोलर माध्यम से दी जाएगी। इसके लिए देश में घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने का अभियान चलाया जाएगा। इससे देश के मध्यमवर्ग को बड़ा फायदा होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने ऐलान किया है कि घरों की छतों पर सोलर ऊर्जा पैदा करने के लिए प्लांट लगाए जाएँगे। यह प्लांट सरकार लगाएगी। बिजली पैदा करने वाले इन प्लांट से मकान का मालिक 300 यूनिट बिजली मुफ्त हर माह ले सकेगा।

जिन लोगों के घरों पर यह सोलर ऊर्जा पैदा करने वाले प्लांट लगेंगे, उन्हें इसके बाद कोई बिल नहीं देना होगा। इससे प्रत्येक परिवार को बड़ी बचत होगी। एक रिपोर्ट बताती है कि देश में एक औसत घर महीने में लगभग 250 यूनिट बिजली खर्च करता है। भारत में एक यूनिट बिजली का औसत भाव 5 रुपए है। ऐसे में ₹15,000 की बचत एक परिवार एक वर्ष में कर सकेगा। यदि किसी परिवार का बिजली खर्च इससे ज्यादा भी होता है तो भी उसे बड़ा फायदा होगा।

जो योजना बजट 2024-25 में मोदी सरकार लेकर आई है, इसके अंतर्गत वही व्यक्ति मुफ्त बिजली पाएगा जो खुद की छत पर सोलर प्लांट लगाएगा। इसके अलावा जो बिजली उसे मिलेगी, उसको पैदा करने की लागत भी नहीं लगेगी। सरकार को इस स्थिति में सिर्फ सोलर प्लांट लगाने होंगे। ऐसे में सब्सिडी का भी पैसा बचेगा और साथ ही लोगों को मुफ्त बिजली भी मिल जाएगी। इसके अलावा कोयले से पैदा होने वाली बिजली में भी कमी की जा सकेगी, जिससे पर्यावरण पर काम आगे बढ़ सकेगा।

लोगों को मुफ्त बिजली देने के लिए घरों की छतों पर यह सोलर प्लांट केंद्र सरकार की एक योजना के तहत लगाए जाएँगे। गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए एक योजना का ऐलान किया था। इसका नाम ‘सूर्योदय योजना‘ रखा गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना का ऐलान 22 जनवरी, 2024 को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से लौटने के बाद किया था। प्रधानमंत्री ने इसकी जानकारी एक्स (पहले ट्विटर) पर दी थी।

गौरतलब है कि कई विपक्षी दल देश में चुनावों के समय मुफ्त बिजली का वादा करते आए हैं। पंजाब और दिल्ली जैसे राज्य मुफ्त बिजली दे भी रहे हैं। हालाँकि, यह वादा जमीन पर उतारने के बाद बड़े नुकसान होते हैं। भारत में अधिकांश बिजली कोयले से बनती है। इस बिजली की उत्पादन लागत भी सौर ऊर्जा के मुकाबले अधिक है। ऐसे में कोयले से पैदा की गई बिजली को मुफ्त देने पर सरकार को बड़ी सब्सिडी देनी पड़ती है। अकेले पंजाब में ही इस समय इस सब्सिडी का भार लगभग ₹20,000 करोड़ है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में 25 करोड़ घरों पर ऐसे रूफटॉप सोलर लगाए जा सकते हैं। इनके ऊपर 637 गीगावॉट तक की ऊर्जा पैदा कर सकती है। हालाँकि, यही रिपोर्ट दिखाती है कि देश में मात्र 11 गीगावॉट क्षमता के ही रूफटॉप सोलर लगाए गए हैं अभी।

भले ही भारत ने घरों पर सोलर क्षमता लगाने में अभी आशातीत सफलता नहीं पाई हो, लेकिन उसने बीते कुछ वर्षों में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में काफी प्रगति हासिल की है। रिपोर्ट बताती है देश में अभी लगभग 75 गीगावॉट की सोलर क्षमता है। यह 2014 में लगभग 2 गीगावॉट ही थी। ऐसे में 2014 से अब तक इसमें लगभग 35 गुने की वृद्धि हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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