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‘तू च**र, मैं नहीं कर सकता शादी’: आकाश बनकर अनीस ने दलित महिला को फाँसा, रेप और इस्लाम में धर्मांतरण केस में उम्रकैद की सजा

थोड़े दिन बाद अनीस की असलियत पीड़िता के आगे आ गई। पीड़िता को पता चल गया कि जिसे वह आकाश समझ रही थी, दरअसल वह हिन्दू है ही नहीं। वह तो मुस्लिम है और उसका नाम आकाश नहीं बल्कि अनीस है। आखिरकार शादी के नाम पर अनीस ने पीड़िता को जबरन इस्लाम कबूल करवा दिया। धर्मान्तरण के बाद पीड़िता का नाम आयशा रखा गया।

उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर की जिला अदालत ने बुधवार (6 मार्च 2024) को एक दलित लड़की के साथ रेप और धर्मान्तरण के आरोपित अनीस अहमद को उम्रकैद की सजा सुनाई। अनीस ने आकाश बनकर हिन्दू लड़की से दोस्ती की थी। उसके बाद शादी का झाँसा देकर रेप किया और फिर इस्लाम में जबरन धर्मान्तरण करवा दिया था। अदालत ने अनीस पर 4 लाख 6 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोका है।

बुलंदशहर पुलिस के मुताबिक, अनीस अहमद पुत्र हप्पू मूल रूप से हापुड़ जिले के आवास विकास कॉलोनी का निवासी है। साल 2022 में उसने अपना नाम बदलकर दिल्ली के मंगोलपुरी की रहने वाली और हापुड़ में ब्याही एक दलित महिला से दोस्ती की और फिर शादी का झाँसा देकर यौन संबंध बनाए। बाद में अनीस ने पीड़िता का धर्म परिवर्तन भी करवाया। पुलिस ने इसे दुस्साहसिक हरकत माना था।

पीड़िता की शिकायत पर गुलावठी थाने में 15 मार्च 2022 को अनीस के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। तब पुलिस ने IPC की धारा 420, 376(2), 406 के साथ 3/5 धर्म संपरिवर्तन और 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। पुलिस ने जाँच कर के 27 अप्रैल 2022 को इस मामले की चार्जशीट अदालत में पेश कर दी थी। पुलिस ने इस केस में कड़ी पैरवी की थी।

कुल 5 गवाहों ने अनीस अहमद के खिलाफ गवाही दी। आखिरकार 6 मार्च 2024 को बुलंदशहर के एडीजे स्पेशल एससी/एसटी कोर्ट ने अनीस को आजीवन कारावास और 4 लाख 6 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। अनीस की सजा को बुलन्दशहर पुलिस ने अपनी बड़ी सफलता माना है। अनीस के खिलाफ सरकारी वकील विपुल कुमार राघव ने बहस की।

तू च**र है, तुझ से शादी नहीं कर सकता

ऑपइंडिया के पास मौजूद FIR की कॉपी में पीड़िता ने बताया था कि वह शादीशुदा थी। आकाश बनकर उससे मिला अनीस पीड़िता को बुलंदशहर लेकर आ गया था। यहाँ उसने गुलावठी कस्बे में हनुमान मंदिर के पास किराये पर एक कमरा लिया। इसके बाद अनीस ने कई बार पीड़िता का यौन शोषण किया। विरोध करने पर वह शादी करने का झाँसा दिया करता था।

थोड़े दिन बाद अनीस की असलियत पीड़िता के आगे आ गई। पीड़िता को पता चल गया कि जिसे वह आकाश समझ रही थी, दरअसल वह हिन्दू है ही नहीं। वह तो मुस्लिम है और उसका नाम आकाश नहीं बल्कि अनीस है। आखिरकार शादी के नाम पर अनीस ने पीड़िता को जबरन इस्लाम कबूल करवा दिया। धर्मान्तरण के बाद पीड़िता का नाम आयशा रखा गया।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया था कि कुछ दिनों बाद ही अनीस उसे छोड़कर चला गया। पीड़िता ने उसे फोन करके जाने की वजह पूछी तो अनीस ने उसे जातिसूचक शब्द बोले। आरोप है कि अनीस ने तब कहा, “तू च**र है। तुझ से शादी नहीं कर सकता।” इतना कहकर अनीस ने फोन काट दिया। फरार होने से पहले अनीस ने पीड़िता के ढाई लाख रुपए कैश और कुछ गहने भी हड़प लिए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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