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जिसने छोड़ दिया था इस्लाम, सरेआम जलाता था कुरान… रमजान के महीने में मार दिया गया उसे, नॉर्वे में मिली लाश? – कुछ कह रहे शेर, कट्टरपंथी दे रहे गाली

जून 2023 में स्टॉकहोम में साल्वान मोमिका ने वहाँ की सबसे बड़ी मस्जिद के सामने कुरान जलाया था, जिसके वीडियो और तस्वीरें चारों तरफ वायरल हुई थीं।

आपको मुस्लिमों की पवित्र पुस्तक कुरान जलाए जाने की घटना याद होगी। जिसने कुरान को जलाया था, उसके समर्थन में भी कई लोग सामने आए थे और विरोध में भी। समर्थक कह रहे थे कि साल्वान मोमिका जैसी हिम्मत रखने वाले लोग विरले ही पैदा होते हैं, वहीं विरोधी ‘सर तन से जुदा’ के नारे दे रहे थे। साल्वान मोमिका ईरान की फ़ौज के पूर्व नेता थे। बाद में वो इस्लाम के सबसे बड़े आलोचकों में से एक बन गए। अब सोशल मीडिया और मीडिया में उनकी लाश मिलने की खबरें तैर रही हैं। इस्लामी कट्टरपंथी अब भी उन्हें भला-बुरा कह रहे हैं।

साल्वान मोमिका ने इस्लाम की आलोचना करते हुए भाषण देना शुरू कर दिया था और कुरान भी जलाया था। कुरान इस्लाम में सर्वोच्च पुस्तक है और इसे आसमानी किताब भी कहा जाता है क्योंकि माना जाता है कि इसमें जो लिखा है वो अल्लाह का कथन है। जून 2023 में स्टॉकहोम में साल्वान मोमिका ने वहाँ की सबसे बड़ी मस्जिद के सामने कुरान जलाया था, जिसके वीडियो और तस्वीरें चारों तरफ वायरल हुई थीं। अब ‘रेडियो जेनोआ’ ने अपनी खबर में बताया है कि उनकी मौत हो चुकी है।

‘Radio Genova’ ने लिखा कि साल्वान मोमिका का मृत शरीर बरामद हुआ है। हालाँकि, बाद में मीडिया संस्थान ने लिखा कि जिस ‘Visegrad 24’ के आधार पर उसने ये ट्वीट किया था, उस ट्वीट को 1 मिलियन इम्प्रेशन के बावजूद डिलीट कर दिया गया है। हालाँकि, खुद ‘X’ (ट्विटर) ने उस ट्वीट ने नीचे ‘कम्युनिटी नोट’ में लिख दिया था कि इस खबर की अब तक नॉर्वे की किसी मुख्य मीडिया वेबसाइट ने पुष्टि नहीं की है, यानी ये एक अपुष्ट खबर है।

अब इस खबर की पुख्ता पुष्टि या फिर इसके नकारे जाने का इंतज़ार किया जा रहा है। फ़िलहाल सोशल मीडिया में लोग कह रहे हैं कि इस्लामी गिरोह जिस तरह से काम करता है, ये आश्चर्यजनक नहीं है। लेखक सलमान रश्दी पर अगस्त 2022 में उस पुस्तक के लिए हमला हुआ, जो उन्होंने 33 वर्ष पूर्व लिखी थी। भारत में कमलेश तिवारी की लखनऊ में हत्या की गई, उनके एक पुराने बयान के लिए। साल्वान मोमिका इराकी शरणार्थी थे और उन्होंने अपना ठिकाना स्वीडन से नॉर्वे बना लिया था, नॉर्वे की नागरिकता भी उन्हें मिल गई थी।

नोट: साल्वान की मौत की खबरें मीडिया में फैलने के 9 दिन बाद यानी 11 अप्रैल 2024 को साल्वान मोमिका ने खुद एक्स पर ट्वीट करते हुए इन खबरों को खंडन किया है। उन्होंने बताया है कि वो जिंदा हैं और ऐसी खबरें इसलिए फैलाई गई थी ताकि कोई भी इस्लाम का विरोध करने से पहले डरे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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