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अमेरिका में नए साल पर 15 लोगों की हत्या करने वाले का नाम निकला शमसुद-दीन जब्बार… कनेक्शन ISIS से मिला: पहले था US की सेना में, खुद को कहता था ‘एजेंट’

जब्बार अमेरिकी सैनिक के तौर पर अफगानिस्तान भी भेजा गया था। 2009 से 2010 के बीच वह अफगानिस्तान में तैनात रहा था। उसे सेवा के दौरान 15 मैडल और सम्मान दिए गए थे। उसे आतंक से लड़ने के लिए भी एक मेडल दिया गया था।

अमेरिका के न्यू ओर्लियंस शहर में बुधवार (1 जनवरी, 2025) को आतंकी हमला करने वाले की पहचान इस्लामी आतंकी शमसुद-दीन जब्बार के तौर पर हुई है। उसकी गाड़ी में ISIS का झंडा भी मिला है। जब्बार अमेरिकी नागरिक था और आर्मी में भी सेवाएँ दे चुका था।

अमेरिकी जाँच एजेंसियाँ उसके बारे में और भी जानकारियाँ जुटाने में लगी हुई हैं। इस बात की भी आशंका जताई गई है कि वह अकेला नहीं था बल्कि उसके साथ इस हमले में कई और लोग भी शामिल थे। इस इस्लामी आतंकी हमले में मरने वालों की संख्या 15 हो चुकी है।

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, शमसुद-दीन जब्बार (Shamsud-Din Jabbar) अमेरिकी नागरिक था और टेक्सास का निवासी था। उसकी उम्र 42 साल थी। वह 2007 से 2020 तक अमेरिकी सेना में भी अपनी सेवाएँ दे चुका था। वह 2007 से 2015 तक स्थायी सैनिक रहा था।

वह अमेरिकी सैनिक के तौर पर अफगानिस्तान भी भेजा गया था। 2009 से 2010 के बीच वह अफगानिस्तान में तैनात रहा था। उसे सेवा के दौरान 15 मैडल और सम्मान दिए गए थे। उसे आतंक से लड़ने के लिए भी एक मेडल दिया गया था।

जब्बार 2015 में सेना से रिटायर होने के बाद सैन्य रिजर्व बटालियन में काम करता था। 2015-20 के बीच उसने अमेरिकी सेना के लिए IT विशेषज्ञ के तौर पर काम किया था। सेना में जाने से पहले उसने अमेरी नौसेना में जाने का प्रयास भी किया था।

अमेरिकी सेना के लिए काम करने के अलावा वह डेलोइट जैसी कम्पनियों के लिए भी काम करता था। यहाँ वह लगभग $1,20,000 (लगभग ₹1 करोड़) कमाता था। उसकी पहली बीवी से उसका तलाक 2012 जबकि दूसरी बीवी से 2022 में हो गया था।

जब्बार ने हमले के लिए जो ट्रक इस्तेमाल किया, वह किराए का था। इसके अलावा उसने न्यू ओर्लियंस में एक कमरा भी कथित तौर पर किराए पर लिया था। कमरे और ट्रक दोनों में ही सुरक्षा एजेंसियों को विस्फोटक मिले हैं। जिस कमरे में वह रुका था वहाँ बम बनाने की तैयारी थी।

उसकी गाड़ी में ISIS का एक झंडा मिला है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह बीते कुछ वर्षों में कट्टर इस्लामी बना और हमास के इजरायल पर हमले के बाद ही उसने यह कदम उठाने का फैसला किया। जब्बार की एक पुरानी वीडियो भी सामने आई है जिसमें वह खुद को रियल एस्टेट एजेंट बता रहा है।

FBI को शक है कि इस आतंकी हमले में उसके साहत कुछ और लोग शामिल थे। एक CCTV फुटेज में उसकी गाड़ी में कुहक लोग विस्फोटक भी रखते दिखे हैं। इनकी पहचान नहीं हो पाई है। इन विस्फोटकों को रिमोट से उड़ाने की योजना थी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन ने इस हमले पर दुख जताया है।

शमसुद-दीन का ताल्लुक ISIS से कैसा था और उसे कहाँ से बम बनाने और यह हमला करने को लेकर निर्देश दिए गए थे, यह अभी सामने नहीं आया है। जब्बार को लेकर और भी जानकारी जुटाने का प्रयास चल रहा है। इस आतंकी हमले में अब तक 15 लोग मारे जा चुके हैं। 35 लोग घायल हैं। शमसुद-दीन हमले के बाद मारा जा चुका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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