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‘फाँसी ना लगा लें, इसलिए उतरवाई पगड़ी’, अमेरिका से डिपोर्ट हुए शख्स ने बताया: तीसरी फ्लाइट 112 को लेकर आई, 75 हरियाणा-पंजाब जबकि 33 गुजरात से

जसविंदर ने बताया, "मैंने और दूसरे सिख युवकों ने उनसे कम से कम हमारी पगड़ियाँ लौटाने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर तुममें से कोई भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेता है, तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार होगा?"

अमेरिका में ‘डंकी’ रूट के सहारे घुसने वाले भारतीयों के डिपोर्ट होने का सिलसिला लगातार जारी है। अमेरिका से 112 अवैध प्रवासियों का एक जत्था भारत वापस भेजा गया है। अमेरिकी वायुसेना का एक विमान इन 112 लोगों को अमृतसर लेकर पहुँचा है। इनमें अधिकांश लोग हरियाणा, पंजाब और गुजरात से हैं।

घुसपैठियों का यह तीसरा जत्था रविवार (16 फरवरी, 2025) शाम को अमृतसर के गुरु रामदास एयरपोर्ट पहुँचा। इन 112 लोग में 44 हरियाणा, 33 गुजरात जबकि 31 लोग पंजाब से थे। 2 लोग उत्तर प्रदेश और 1 उत्तराखंड जबकि 1 हिमाचल प्रदेश से था।

सुरक्षा एजेंसियों ने अमेरिका से वापस किए गए 112 लोगों से कुछ देर पूछताछ की और 17 फरवरी, 2025 की सुबह उन्हें उनके घर के लिए रवाना कर दिया। हरियाणा ने अपने यहाँ के लोगों के लिए एक बस भेजी थी जबकि पंजाब ने भी कुछ वाहनों का इंतजाम किया था।

इससे पहले शनिवार को भी एक विमान से 119 भारतीय वापस भेजे गए थे। इनमें भी अधिकांश हरियाणा, पंजाब और गुजरात से थे। इस विमान से वापस आए लोगों ने हथकड़ियाँ लगाने, बेड़ियाँ पहनाने और पगड़ी उतारने सम्बन्धी शिकायत की थी।

इससे पहले 5 फरवरी, 2025 को आई एक फ्लाइट के लोगो ने भी ऐसी ही शिकायत की थी। हालाँकि, अब डिपोर्ट होने वाले शख्स ने ही इसका कारण बताया है। अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 25 वर्षीय मनदीप सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बताया है कि बेड़ियाँ और हथकड़ी की कार्रवाई सुरक्षा के लिए की गई थी।

मनदीप सिंह ने बताया कि अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने पर कई लोग काफी डिप्रेशन में होते हैं और वह विमान के भीतर ही कोई कदम उठा सकते हैं, ऐसे में उन्हें रोकने के लिए ही यह बेड़ियाँ-हथकड़ी पहनाई गईं।

मनदीप सिंह ने कहा, “हमें भी हथकड़ी और जंजीरों से बांध दिया गया था, ठीक वैसे ही जैसे 5 फरवरी को भेजे गए लोगों के साथ किया गया था। हम लगभग 66 घंटे नरक जैसी स्थिति में रहे।लेकिन यह डिपोर्ट हो रहे लोगों की सुरक्षा के लिए था क्योंकि कोई दूसरों की मनोस्थिति का अंदाजा नहीं लगा सकता है, और डिप्रेशन में कुछ भी हो सकता है।”

मनदीप सिंह ने बताया, “डिपोर्ट किए जाने के बाद हमारी मानसिक हालत ठीक नहीं होती। हममें से कई डिप्रेशन में होते हैं… इस तरह का डिप्रेशन न केवल हमारे लिए बल्कि विमान में मौजूद सभी लोगों के लिए ख़तरा बन सकती थी। इसलिए, किसी नुकसान से बचने के लिए, अधिकारियों के पास हमें बेड़ियों मे बाँधने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।”

वहीं पगड़ी उतारने को लेकर भी एक सिख युवा ने सच्चाई बताई है। अमेरिका से वापस भेजे गए युवक जसविंदर सिंह ने बताया, “मुझे 27 जनवरी को हिरासत में लिया गया और डिटेंशन सेंटर ले जाया गया, वहाँ उन्होंने मुझसे मेरी पगड़ी सहित मेरे सारे कपड़े उतारने को कहा।”

जसविंदर ने बताया, “मैंने और दूसरे सिख युवकों ने उनसे कम से कम हमारी पगड़ियाँ लौटाने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर तुममें से कोई भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेता है, तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार होगा?”

गौरतलब है कि अमेरिका से अब तक अमेरिका से तीन फ्लाइट भारत आ चुकी हैं। इनमें से एक में 104, दूसरी में 119 जबकि तीसरी में 112 भारतीय वापस भेजे गए हैं। कुल मिलाकर अभी तक 335 भारतीय वापस भेजे जा चुके हैं। आने वाले दिनों में और भी भारतीय डिपोर्ट होने की आशंका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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