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अब The Hindu के पत्रकार महेश लांगा को ED ने किया गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला: अखबार में नाम छापकर बदनाम करने की देता था धमकी, करता था वसूली

पत्रकार महेश लांगा को 8 अक्टूबर 2024 को GST धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह मामला 13 कंपनियों और उनके मालिकों द्वारा फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 220 से अधिक बेनामी फर्मों का इस्तेमाल फर्जी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी के लिए किया गया। इस तरह लांगा पर धोखाधड़ी, जबरन वसूली, जीएसटी घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग सहित 6 केस दर्ज हो गए हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार (25 फरवरी 2025) को गुजरात में ‘द हिंदू’ के पत्रकार महेश लांगा को वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, केंद्रीय जाँच एजेंसी ने अहमदाबाद के पुलिस उपायुक्त द्वारा महेशभाई लांगा और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी एवं आपराधिक विश्वासघात के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर यह जाँच शुरू की थी।

ED के अनुसार, जाँच में पाया गया कि अहमदाबाद के सैटेलाइट पुलिस स्टेशन ने महेशभाई लांगा के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन, विश्वासघात का एक और मुकदमा दर्ज था। ED ने कहा, “जाँच में पता चला है कि महेश प्रभुदान लांगा बड़ी रकम वाले कई वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल था। उसके वित्तीय लेन-देन में विभिन्न व्यक्तियों से जबरन वसूली, हेरफेर और मीडिया प्रभाव का इस्तेमाल शामिल था।”

संघीय जाँच एजेंसी का कहना है कि यह पत्रकार ‘जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले’ में भी शामिल है, जिसकी जाँच ED कर रही है। लांगा ने धोखाधड़ी और जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले में शामिल वित्तीय लेनदेन को छिपाने और उसमें हेरफेर करने की कोशिश की है। एजेंसी ने कहा, “उनके बार-बार के बदलते बयान की वजह से धन मिलने और उसके उद्देश्य को छिपाने का संदेह पैदा हुआ।”

महेश लांगा के वकील ने पहले उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया था। महेश लांगा को पहले गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अब धनशोधन का मामला सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले की जाँच अपने हाथ में ले ली है। लांगा को अदालत ने फिलहाल पूछताछ के लिए चार दिनों के लिए ED की हिरासत में भेज दिया है।

बता दें कि अंग्रेजी अखबार The Hindu के पत्रकार महेश लांगा के खिलाफ 23 जनवरी 2025 को अहमदाबाद के सैटेलाइट थाने में एक और एफआईआर दर्ज की गई थी। यह शिकायत प्रॉपर्टी डीलर जनक ठाकोर ने दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने लांगा पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) के तहत ₹40 लाख की जबरन वसूली का आरोप लगाया है।

लांगा ने ठाकोर से कहा था कि उनका नाम The Hindu में छापने से उनके बिज़नेस को बड़ा फायदा होगा। जनवरी 2024 में लांगा ने ठाकोर से ₹20 लाख लिए और एक आर्टिकल में उसका नाम शामिल किया। इसके बाद उसने दोबारा ₹20 लाख माँगे और कुल ₹40 लाख वसूल किए। लांगा ने वादा किया कि अगर ठाकोर का नाम अखबार में छपेगा तो वह एक सफल बिल्डर बन सकते हैं।

पत्रकार महेश लांगा को 8 अक्टूबर 2024 को GST धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया था। यह मामला 13 कंपनियों और उनके मालिकों द्वारा फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 220 से अधिक बेनामी फर्मों का इस्तेमाल फर्जी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी के लिए किया गया। इस तरह लांगा पर धोखाधड़ी, जबरन वसूली, जीएसटी घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग सहित 6 केस दर्ज हो गए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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