Homeराजनीतिराणा सांगा को कहा 'गद्दार', बाबर के लिए दिखाया 'प्यार': सपा सांसद ने राज्यसभा...

राणा सांगा को कहा ‘गद्दार’, बाबर के लिए दिखाया ‘प्यार’: सपा सांसद ने राज्यसभा में उगला जहर, उपसभापति ने फटकारा, Video

रामजी लाल सुमन ने इससे पहले दिसंबर 2018 में देश का बँटवारा करके अलग पाकिस्तान बनाने वाले मोहम्मद अली जिन्ना को देशभक्त बताया था और वीर सावरकर को गद्दार कहा था। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में जिन्ना के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। तब उन्होंने कहा था, "विनायक दामोदर सावरकर तो बहुत ही बड़ा गद्दार था।"

उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन ने राणा सांगा के नाम से विख्यात महाराणा संग्राम सिंह को गद्दार बताया है। सदन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा वाले मुस्लिमों को बदनाम करने के लिए कहते हैं कि उनमें बाबर का डीएनए है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का मुस्लिम बाबर को अपना आदर्श नहीं मानता है। वह मोहम्मद शाह और सूफी संतों को अपना आदर्श मानता है।

सुमन ने कहा, “मैं जानना चाहूँगा कि बाबर को लाया कौन? इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को राणा सांगा लाया था। अगर मुस्लिम बाबर की औलाद हैं तो तुम (हिंदू और भाजपा) गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। ये हिंदुस्तान में तय हो जाना चाहिए। हम बाबर की आलोचना तो करते हैं, लेकिन राणा सांगा की आलोचना नहीं करते। ये देश की एकता का सवाल है।” इसके बाद उपसभापति हरिवंश ने उन्हें संसदीय मर्यादाओं का पालन करने की नसीहत देकर बैठा दिया।

बता दें कि रामजी लाल सुमन ने इससे पहले दिसंबर 2018 में देश का बँटवारा करके अलग पाकिस्तान बनाने वाले मोहम्मद अली जिन्ना को देशभक्त बताया था और वीर सावरकर को गद्दार कहा था। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में जिन्ना के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। तब उन्होंने कहा था, “विनायक दामोदर सावरकर तो बहुत ही बड़ा गद्दार था।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।
- विज्ञापन -