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जो नेहरू से लेकर मनमोहन तक नहीं कर पाए, वो मोदी सरकार में हुआ मुमकिन: अप्रैल में पूरे भारत से रेल के जरिए जुड़ जाएगी कश्मीर घाटी, पहली ही ट्रेन होगी वन्दे भारत

19 अप्रैल, 2025 को पीएम मोदी कटरा से श्रीनगर के लिए पहली ट्रेन को झंडी दिखा सकते हैं। यह कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर में ही होगा। ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ ही पीएम मोदी उस चेनाब के पुल का भी दौरा करेंगे, जिसके चलते यह रेल लिंक जुड़ा है।

अप्रैल, 2025 में भारत के किसी भी हिस्से ट्रेन पकड़ के कश्मीर घाटी पहुँचा जा सकेगा। कश्मीर घाटी में ट्रेन पहुँचाने के लिए सारी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। देश का अब तक का सबसे कठिन प्रोजेक्ट पूरा करके इसे दूसरे हिस्सों से जोड़ा गया है। कश्मीर को मिलने वाली पहली ट्रेन वन्दे भारत एक्सप्रेस होगी, यह भी सामने आया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 19 अप्रैल, 2025 को पीएम मोदी कटरा से श्रीनगर के लिए पहली ट्रेन को झंडी दिखा सकते हैं। कयास लगाए रहे हैं कि यह कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर में ही होगा। ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ ही पीएम मोदी उस चेनाब के पुल का भी दौरा करेंगे, जिसके चलते यह रेल लिंक जुड़ा है।

यह दुनिया का सबसे ऊँचा रेल ब्रिज है और इस ट्रेन रूट की मुख्य कड़ी है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पीएम मोदी इस दौरान एक रैली को भी संबोधित कर सकते हैं। इस कायर्क्रम में संभवतः जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी शामिल होंगे।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि सबसे पहले ट्रेन कटरा से श्रीनगर के बीच चलेगी। हालाँकि, जल्द ही ट्रेन जम्मू और श्रीनगर के बीच भी चलेगी। बताया जा रहा है कि इस रूट पर सबसे पहले वन्दे भारत एक्सप्रेस चलाई जाएगी। दिल्ली से सीधे श्रीनगर ट्रेन सेवाओं को बाद में चालू किया जा सकता है।

इससे पहले कश्मीर में बनिहाल से लेकर बारामूला तक ट्रेन चलाई गई थी। श्रीनगर इसी लाइन का हिस्सा है। अब बनिहाल को कटरा से जोड़ा गया है। यह रूट 111 किलोमीटर का है। इसमें 104 किलोमीटर रास्ता सुरंगों और ब्रिज के सहारे बनाया गया है।

कश्मीर को जम्मू से जोड़ने का यह प्रोजेक्ट मोदी सरकार में पूरा हुआ है। जम्मू कश्मीर में इस पूरे प्रोजेक्ट को USBRL का नाम दिया गया है। इसका अर्थ उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लाइन और इस प्रोजेक्ट में लगभग ₹41 हजार करोड़ का खर्च हुआ है।

इस प्रोजक्ट को बनाने के लिए कोंकण रेलवे और IRCON जैसी एजेंसियों को लगाया गया था। पीएम मोदी ने यहाँ ट्रेन को झंडी दिखाने से पहले जम्मू-कश्मीर की रेल डिवीजन भी अलग कर दी थी। अब जम्मू भी एक रेल डीविजन बन चुका है, इससे पहले यह फिरोजपुर से नियंत्रित होता था।

मोदी सरकार में सिर्फ कश्मीर ही नहीं बल्कि उत्तरपूर्व का भारत भी रेल लिंक से जुड़ा है। 2014 में मेघालय, 2021 में मणिपुर रेलवे के माध्यम से भारत से जुड़े थे। मिजोरम की राजधानी आइजोल भी 2025 में रेलवे से जुड़ जाएगी। उत्तर पूर्व के बाकी राज्यों में मीटर गेज को ब्रोड गेज में बदला जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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