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बगदादी और ओवैसी में फर्क नहीं, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर लगना चाहिए बैन: शिया वक्फ बोर्ड के प्रमुख

ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा था कि मुस्लिम खैरात में दी गई पॉंच एकड़ जमीन नहीं लेंगे। साथ ही कहा था कि वह अपनी मस्जिद वापस चाहते हैं। बयानों को लेकर उनके खिलाफ भोपाल में मामला भी दर्ज करावाया गया है।

भड़काऊ बयानों को लेकर शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने सांसद असदुद्दीन ओवैसी की तीखी आलोचना की है। उन्होंने ओवैसी की तुलना खूॅंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के सरगना रहे अबू बकर अल बगदादी से की है। बगदादी को हाल ही में अमेरिका ने मार गिराया था। रिजवी ने ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर प्रतिबंध लगाने की मॉंग भी की है।

रिजवी ने कहा, “ओवैसी और बगदादी में कोई अंतर नहीं है। बगदादी आतंक फैलाने के लिए आतंकियों, हथियार और गोला-बारूद का इस्तेमाल करता था, जबकि ओवैसी अपनी जुबान के जरिए आतंक फैलाने का काम करते हैं। वह मुस्लिमों को आतंकी गतिविधियों और खून-खराबे के लिए उकसाते हैं। ऐसे गंभीर माहौल में ओवैसी और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए।” ओवैसी ने कहा था कि 9 नवंबर को अयोध्या भूमि विवाद पर आया सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला ‘क़ानून पर विश्वास की जीत’ है और वह ‘अपनी मस्जिद वापस चाहते हैं’।

रिजवी ने अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सर्वश्रेष्ठ निर्णय बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में इससे बेहतर निर्णय नहीं देखा। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और ओवैसी को छोड़कर इस निर्णय से सभी संतुष्ट हैं। ऐसे में इन दोनों पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए।

अयोध्या मामले में फैसले के बाद ओवैसी ने कहा था, “सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम (सर्वोच्च) है, लेकिन वह अचूक नहीं है। मैं इस फैसले से संतुष्ट नहीं हूँ। हमें संविधान पर पूरा विश्वास है। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे। हमें दान में दी गई पाँच एकड़ जमीन नहीं चाहिए।” इस बयान के बाद 11 नवंबर को वकील पवन कुमार यादव ने भोपाल के जहाँगीराबाद पुलिस स्टेशन में ओवैसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। 

उल्लेखनीय है कि वसीम रिजवी ने इससे पहले भी AIMIM अध्यक्ष के बयान को निशाने पर लेते हुए कहा था कि ओवैसी जैसे नेता समाज में नफरत फैलाने का काम करते हैं। उन्होंने ओवैसी के बयान पर तंज कसते हुए कहा था कि सिर्फ मुस्लिमों में नफरत पैदा करने के लिए इस तरीके के बयान दिए जा रहे हैं कि खैरात नहीं ली जा सकती और हिंदुओं का पैसा मस्जिद में नहीं लग सकता है। उन्होंने कहा था कि ओवैसी जैसे नेताओं के ऐसे बयानों का ध्येय सिर्फ नफरत को बढ़ावा देना और देश के मुस्लिमों को अलग-थलग करने की साजिश है।

बता दें कि वसीम रिजवी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 51 हजार रुपए देने की भी घोषणा कर चुके  हैं। गुरुवार (नवंबर 14, 2019) को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में रिजवी ने कहा कि बोर्ड ने मंदिर का समर्थन किया है। रिजवी इससे पहले मंदिर निर्माण के लिए 10 हजार रुपए दान कर चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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