Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयअमेरिका में 17 सितंबर को TikTok बैन होगा खत्म, ट्रंप बोले- चीन पर निर्भर...

अमेरिका में 17 सितंबर को TikTok बैन होगा खत्म, ट्रंप बोले- चीन पर निर्भर आगे का रास्ता: अब तक 3 बार बढ़ चुका है प्रतिबंध, US को है जासूसी का शक

अमेरिका में टिकटॉक बैन की समयसीमा 17 सितंबर को खत्म हो रही है। अमेरिका इसे खरीदना चाहता है, लेकिन कंपनी को सौदे से पहले चीन की मंजूरी लेनी होगी। दरअसल वाशिंगटन को लंबे समय से डर है कि बीजिंग अमेरिकियों की जासूसी करने, उन्हें ब्लैकमेल करने या सेंसर करने के लिए TikTok का इस्तेमाल कर सकता है।

अमेरिका में सोशल मीडिया टिकटॉक बैन है। इस पर बैन की समयसीमा 17 सितंबर 2025 को पूरी हो रही है। इसको लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने अहम बयान दिया है। न्यू जर्सी में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि वह समझौते के लिए समयसीमा को फिर से बढ़ाएँगे या नहीं क्योंकि यह पूरी तरह चीन पर निर्भर करता है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “हो भी सकता है और नहीं भी। हम अभी TikTok पर बातचीत कर रहे हैं। हम इसे खत्म होने दे सकते हैं, या नहीं… मुझे नहीं पता। यह चीन पर निर्भर करता है।”

3 बार बढ़ चुकी है टिकटॉक बैन की समयसीमा

टिकटॉक पर बैन की समयसीमा 17 सितंबर 2025 को खत्म हो रही है। इसे अगर आगे बढ़ाया जाता है, तो ये चौथी बार होगी। अमेरिका ने टिकटॉक की कंपनी बाइटडांस को जनवरी 2025 तक इस लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बेचने या बंद करने का समय दिया था।

अगस्त 2025 में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि उनके पास ऐप के लिए अमेरिकी खरीदार हैं। अगर चीन कंपनी को बेचने के लिए तैयार है, तो वह समय सीमा को और बढ़ा सकते हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने TikTok की मूल कंपनी बाइटडांस को धमकी दी थी कि अगर टिकटॉक को अमेरिका के हाथों नहीं बेचा गया, तो वे अमेरिका में इसपर प्रतिबंध लगा देंगे। मोबाइल ऐप को हर जगह से हटवा देंगे और ऐप के पुराने वर्जन को अपडेट नहीं किया जाएगा।

अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा, जासूसी का है डर

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वह ऐप को बचाना चाहते हैं, क्योंकि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में युवा मतदाताओं को आकर्षित करने में ऐप ने मदद की। दरअसल दुनियाभर के नौजवान टिकटॉक पर ज्यादा हैं। उन्हें डर है कि अगर चीन की ऐप को अमेरिका में इस्तेमाल की इजाजत दी जाती है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। अमेरिका की जासूसी हो सकती है, नौजवानों का निजी जानकारी लीक हो सकती है

TikTok के ‘एल्गोरिदम’ को अमेरिकी खरीदार के साथ साझा करने से पहले कंपनी को चीन की मंजूरी लेनी होगी। इसलिए सौदा अभी तक अटका हुआ है। 2025 की शुरुआत में TikTok को खरीदने पर बात हो रही थी। इसका अधिकांश स्वामित्व अमेरिकी निवेशकों के पास होता और वे उसका संचालन करते। हालाँकि, ट्रम्प की टैरिफ की वजह से इसे चीन ने मंजूरी नहीं दी।

ट्रम्प ने 20 जनवरी को राष्ट्रपति के रूप में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया और TikTok की अमेरिकी संपत्ति की बिक्री या उसे बंद करने संबंधी कानून को लागू नहीं करने का फैसला किया। उन्होंने पहले समय सीमा को अप्रैल की शुरुआत तक, फिर मई से जून तक और तीसरी बार सितंबर तक बढ़ाया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

इंडिया टुडे की जिस खबर को पढ़ लहालोट हो रही थी मोहम्मद जुबैर एंड वामपंथी गैंग, वो निकली फर्जी: UP में 5 दिन में...

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी को लेकर इंडिया टुडे ने फर्जी खबर चलाई कि इससे 8,056 लोगों की मौत हो गई। इस खबर पर वामपंथी गैंग सरकार पर सवाल उठाने लगी। जानें पूरी सच्चाई क्या है?

‘फोर्स्ड लेबर’ के नाम पर भारत पर 12.5% टैरिफ का USTR प्रस्ताव: क्या सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने के बाद ट्रंप खोज रहे नया...

USTR ने भारत सहित कई देशों पर नए टैरिफ का प्रस्ताव दिया है। भारत ने कहा कि प्रक्रिया जारी है और फैसला अभी बाकी है।
- विज्ञापन -