Homeदेश-समाजजामनगर के ईद जुलूस में लगे 'सर तन से जुदा' के नारे, इस्लामी कट्टरपंथियों...

जामनगर के ईद जुलूस में लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे, इस्लामी कट्टरपंथियों ने लहराए तलवार वाले झंडे: वीडियो वायरल होने के बाद मोहसिन-बिलाल समेत 7 गिरफ्तार

आरोपितों ने जनता में भय पैदा करने के इरादे से सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले भाषण देकर, 'सर तन से जुदा' के नारे लगाकर और लोगों को जान से मारने की धमकी देकर अपराध को अंजाम दिया। 

गुजरात के जामनगर में ईद के जुलूस के दौरान भड़काऊ नारे लगाने का मामला सामने आया। जिसके बाद जामनगर के ए-डिवीजन पुलिस स्टेशन में थाने के सामने मजहबी और भड़काऊ नारे लगाने के मामले में FIR दर्ज की गई है।

पुलिस ने खुद शिकायतकर्ता बनकर कई मुस्लिमों को आरोपित बनाया है। यह घटना ईद के जुलूस के दौरान हुई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें ‘सर तन से जुदा’ के नारे सुनाई दे रहे थे।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। ऑपइंडिया के पास FIR की एक प्रति भी है। शिकायत के अनुसार, घटना 4 सितंबर 2025 को ईद के दिन हुई थी। शाम करीब 7 बजे दरबार गढ़ इलाके से मुस्लिमों ने ईद के मौके पर जुलूस निकला था।

इसके कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। FIR में कहा गया है कि वीडियो में कुछ मुस्लिम लोग दरबार गढ़ सर्किल बर्धन चौक पर ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाते नजर आ रहे थे। यह भी उल्लेख किया गया है कि जुलूस में शामिल मुस्लिम लोग अलग-अलग इस्लामी झंडे लेकर आए थे।

कुछ झंडों पर अरबी वाक्य और तलवार के चिह्न अंकित थे, जबकि कुछ झंडे सफेद और हरे रंग से रंगे हुए थे जिन पर तलवारें अंकित थीं। इन झंडों को फहराते हुए कट्टरपंथी ‘अल्लाहु अकबर’, ‘लब्बैक या रसूलल्लाह’ और ‘सर तन से जुदा, सर तन से जुदा’ जैसे नारे लगा रहे थे।

सांप्रदायिक नफरत फैलाने के इरादे से किया गया कृत्य

पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। जिसके बाद ए-डिवीजन थाने के पीएसआई वीआर गमेती खुद शिकायतकर्ता बने और FIR दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत में कहा है कि कट्टरपंथियों ने सांप्रदायिक नफरत फैलाने के इरादे से यह कृत्य किया था।

साथ ही यह भी कहा गया है कि इस तरह के कृत्य से सार्वजनिक अशांति फैलने और दो समुदायों के बीच नफरत और दुश्मनी पैदा होने की संभावना थी। शिकायत में मुस्लिम कट्टरपंथियों पर इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यमों से धर्म, जाति, भाषा, वर्ण और समुदाय के बीच दुश्मनी और नफरत फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।

शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने जनता में भय पैदा करने के इरादे से सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले भाषण देकर, ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाकर और लोगों को जान से मारने की धमकी देकर अपराध को अंजाम दिया। 

इस मामले में पुलिस ने 7 नामजद आरोपितों और जाँच के दौरान सामने आने वाले बाकी सभी आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 196(1)(ए), 196(1)(बी), 353(1)(बी) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर 7 आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मोहसिन खान सलीम खान पठान, बिलाल हसंभाई नोएडा, इमरान सिद्दीकभाई कुरैशी, यूनुस हारुन कुरैशी, साहिल नोएडा, अल्ताफ शेख और साहिल बौदीन बेलिम ​​के रूप में हुई है।

ऑपइंडिया ने शिकायतकर्ता पीएसआई वीआर गमेती से अधिक जानकारी के लिए संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। फिलहाल पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी रिमांड की तैयारी कर रही है। पुलिस ने बताया कि इस दिशा में आगे की कार्रवाई जारी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

एयर इंडिया पायलट का दूसरा ड्रग टेस्ट भी निकला पॉजिटिव: फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में आखिर क्या हुआ था और अब आगे क्या होगा?

पायलट का कंफर्मेटरी टेस्ट पॉजिटिव आया है और सैंपल में गांजा होने की पुष्टि हुई है। हालाँकि, टेस्ट के सटीक विवरण का खुलासा होना शेष है।

कब्रें बेचीं, हिंदुओं की संपत्ति वक्फ की और डिलीट कर दीं फाइल्स: UP के शिया वक्फ बोर्ड में ₹1000 करोड़ के घोटाले का दावा,...

शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन के मुताबिक, पूरा घोटाला 1000 करोड रुपए का है। इसमें कुछ हिंदू और कथित बेनामी संपत्तियों को भी वक्फ संपत्ति के तौर पर दर्ज करने का मामला भी शामिल है।
- विज्ञापन -