नेहा सिंह राठौर की अग्रिम जमानत याचिका इलाहाबाद HC ने की खारिज, पहलगाम हमले पर की थी राष्ट्र-विरोधी बातें: नोटिस के बावजूद पूछताछ में नहीं आईं

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने शुक्रवार (5 दिसंबर 2025) को उत्तर प्रदेश की लोकगायिका नेहा सिंह राठौर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी से जुड़े कथित राष्ट्र-विरोधी व धर्म आधारित टिप्पणी के मामले में हाई कोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिल पाई है।

जस्टिस बृजराज सिंह की बेंच ने साफ कहा कि नेहा जाँच में सहयोग नहीं कर रही हैं और पहले के आदेशों का पालन करने में भी असफल रही हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिका पर कोई विशेष राहत नहीं दी थी, बल्कि सिर्फ उचित समय पर गिरफ्तारी न करने को कहा था।

क्या है मामला?

यह पूरा विवाद एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है, जिसमें नेहा पर आरोप है कि उन्होंने कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष हिंदू पर्यटकों की हत्या की घटना को लेकर सरकार के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी। FIR के अनुसार, उनकी टिप्पणी न केवल प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ थी, बल्कि इसे धर्म आधारित और राष्ट्र-विरोधी बताए जाने का भी आरोप लगा है।

सरकारी पक्ष के तर्क

सरकारी वकील डॉ वीके सिंह ने कोर्ट में दावा किया कि नेहा के बयान संवैधानिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा से आगे बढ़कर भड़काऊ थे। उन्होंने यह भी कहा कि यह बयान उस समय दिया गया जब भारत-पाकिस्तान संबंध तनावपूर्ण थे और नेहा की पोस्ट पाकिस्तान के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सराही गई।

साथ ही आरोप है कि नेहा जाँच एजेंसियों के नोटिस के बावजूद पूछताछ में उपस्थित नहीं हो रहीं। लखनऊ के हजरतगंज थाने में उनके खिलाफ 27 अप्रैल 2025 को दर्ज यह मामला अब आगे बढ़ चुका है, और अग्रिम जमानत पर राहत नहीं मिलने के बाद गिरफ्तारी की आशंका और बढ़ गई है।