उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया। यहाँ खोड़ा थाना क्षेत्र में बकरीद के दिन एक 17 वर्षीय हिंदू किशोर सूर्या चौहान की उसके ही पूर्व परिचित मुस्लिम दोस्तों ने बेरहमी से चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी।
इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले कट्टरपंथी हमलावरों ने पीड़ित से पूछा, “क्या तुमने कभी बकरा हलाल होते देखा है? आज तुझे दिखाते हैं।”
यह कहते ही उन्होंने सूर्या पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर दिया। नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान तड़प-तड़प कर इस हिंदू लड़के ने दम तोड़ दिया। पुलिस की FIR कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है, जो इस पूरी खौफनाक साजिश की गवाही दे रही है।
सूर्या चौहान हत्याकांड में मुख्य आरोपितअ सद को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में पाँच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। तीन आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि मुख्य आरोपित असद फरार चल रहा था।
उस पर 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। इस मामले में ऑपइंडिया की टीम उस गली तक पहुँची, जहाँ सूर्या को चाकू मारा गया था। एक स्थानीय व्यक्ति ने मामले को लेकर कई और भी खुलासे किए।
जहाँ असद ने सूर्या को मारा था चाकू वहाँ पहुँची ऑपइंडिया की टीम
ऑपइंडिया के रिपोर्टर को स्थानीय व्यक्ति ने वह जगह दिखाई, जहाँ सूर्या को चाकू घोंपा गया था। उसने गली दिखाते हुए कहा, “ये वही पतली गली है, वे 7 बंदे थे वो, उसको प्यार से घर से बुलाए, बुलाकर के यहाँ लाकर के चाकू मारा। फिर पकड़कर गोद में ले जाने की कोशिश करने लगे कि ले जा कर फेंक दें, लेकिन दिन का टाइम था, फेंक नहीं पाए।”
असद ने सूर्या को गली में ले जाकर पहले सीढ़ी पर बिठाया
— OpIndia.tv (@OpIndia_tv) May 31, 2026
आराम से कोल्ड ड्रिंक पिलाई और फिर उसी गली में चाकू मारे
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उसने आगे कहा, “ये सब एक घंटे के अंदर ही हो गया। बहुत चाकू मारे उसे, कई बार मारा, घुमा दिया, मारा घुमा दिया, अकेला बंदा 7 लोगों के बीच में क्या कर सकता है।”
उस शख्स ने बताया कि पहले उसे पास की सीढ़ी पर बैठाकर कोल्डड्रिंक पिलाई गई, उसके बाद गली में लाकर उसे चाकू मारा गया। बातचीत में सामने आया कि असद की कोशिश तो यहीं थी कि उसकी लाश को ठिकाने भी लगा दिया जाए, लेकिन गली से निकल कर तिराहे तक आते-आते सूर्या गिर गया।
पुरानी रंजिश का बदला और बकरीद पर साजिश
मृतक सूर्या चौहान मूल रूप से एटा का रहने वाला था। वह नवनीत विहार, खोड़ा में अपनी माँ, बड़े भाई यश चौहान और छोटी बहन के साथ रहता था। उसके पिता कौशलेंद्र की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। सूर्या 11वीं कक्षा का छात्र था। जानकारी के मुताबिक, करीब 8 महीने पहले सूर्या का पड़ोस में रहने वाले असद नाम के युवक से किसी बात पर मामूली विवाद हुआ था।
इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए असद ने बकरीद के पवित्र दिन को चुना। 28 मई की दोपहर को असद ने सूर्या को फोन किया। उसने सूर्या को बकरीद की पार्टी के बहाने मिलने के लिए चौधरी स्कूल के पास वाली गली नंबर 2 में बुलाया।
सूर्या अपने दोस्त आयुष और विक्की के साथ असद से मिलने पहुँचा था। विक्की और आयुष ने आँखों देखा हाल बताते हुए बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया। विक्की ने बताया कि जैसे ही वे गली में पहुँचे, वहाँ पहले से ही असद, नवाब, फरहान, आतिफ और सारिक समेत 5 से 6 मुस्लिम युवक हथियारों के साथ घात लगाकर बैठे थे।
आते ही उन्होंने सूर्या को चारों तरफ से दबोच लिया। इसके बाद उन्होंने सांप्रदायिक और हिंसक टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है? चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपितों ने चिल्लाते हुए कहा कि आज बकरीद है और आज कुर्बानी इस हिंदू लड़के की देंगे।
यह कहते ही सभी आरोपितों ने सूर्या पर बड़े चाकुओं से हमला बोल दिया। उन्होंने सूर्या के पेट, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर ताबड़तोड़ कई वार किए। हमला इतना बर्बर था कि चाकुओं की गोदने की वजह से सूर्या की आंतें तक बाहर आ गईं।
मौके पर चीख-पुकार और शोर मच गया। शोर सुनकर पास ही मौजूद सूर्या का भाई यश चौहान और उसकी माँ दौड़ते हुए घटना स्थल की तरफ भागे। परिजनों को अपनी तरफ आता देख सभी मुस्लिम हमलावर खून से लथपथ सूर्या को तड़पता हुआ छोड़कर मौके से फरार हो गए थे।


