‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो से चर्चित स्टैंड अप कॉमेडियन शैरन वर्मा का एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बना हुआ है। इस वायरल वीडियो में शैरन वर्मा दर्शकों के सोशल मीडिया कमेंट्स पढ़ रही थीं। कमेंट्स पढ़ते हुए उन्होंने एक ऐसे यूजर का जिक्र किया, जिसके प्रोफाइल बायो में ‘Free Palestine’ लिखा था। शैरन ने बताया कि उसी यूजर ने उन्हें कमेंट में रसोई में जाकर बर्तन धोने जैसी बात कही थी।
Bihari Style Sharon Verma
— Dinesh Choudhary (@DineshJaiHind7) December 25, 2025
"कमेंट आता है – जाओ किचन में बर्तन धोओ।
वाह! कॉल टू एक्शन।
और बायो में लिखा होता है… Free Palestine, Free Palestine…
लेकिन शैरोन को किचन में रखो।
मेरी कॉमेडी थोड़ी डेंजरस हो रही है ना?
खुद के बर्तन नहीं धुल रहे,
हम करेंगे Free Palestine!
ठीक… pic.twitter.com/tEoZ0AzJGS
इस विरोधाभास पर शैरन ने तंज कसते हुए एक जोक किया और महिलाओं के प्रति ऐसी सोच पर कटाक्ष किया। उनका मजाक उस मानसिकता को लेकर था, जिसमें खुद को प्रगतिशील दिखाने वाले लोग भी महिलाओं के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
वीडियो सामने आते ही क्यों भड़का विवाद?
यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वैसे ही विवाद शुरू हो गया। कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि शैरन ने ‘Free Palestine’ जैसे संवेदनशील नारे को मजाक का हिस्सा बना दिया है। इसके बाद उनके खिलाफ पोस्ट्स की बाढ़ आ गई और मामला X पर ट्रेंड करने लगा। कई लोगों ने इसे राजनीतिक और धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखा, जबकि कुछ अकाउंट्स की ओर से तीखी भाषा और ट्रोलिंग भी देखने को मिली।
विरोध करने वालों की आपत्ति क्या है?
वहीं, विरोध करने वाले लोग इस बात पर आपत्ति जता रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय और संवेदनशील मुद्दों से जुड़े शब्दों को कॉमेडी में शामिल करना ठीक नहीं है। उनका कहना है कि ऐसे संदर्भ भावनाओं को ठेस पहुँचा सकते हैं, भले ही इरादा कुछ और हो।
एक यूजर ने लिखा, “वह बिहार की रहने वाली है, लेकिन उसने अपनी पूरी जिंदगी मुंबई में आराम और अमीरी में बिताई है। शुरू में, उसने ध्यान खींचने और फॉलोअर्स पाने के लिए ‘पारिवारिक संघर्षों’ का कार्ड खेला। अब? उसने सारी हदें पार कर दी हैं, खुलेआम नरसंहार का मजाक उड़ा रही है और अकल्पनीय इंसानी दुख को एक तमाशा बना रही है। यह सोची-समझी परफॉर्मेंस है, इज्जत और इंसानियत की भावना की कीमत पर एक खास ऑडियंस को खुश करने की रणनीति है।”
Comedian Sharon Verma – The Mask Slips.
— Muslim IT Cell (@Muslim_ITCell) December 24, 2025
She hails from Bihar but has lived her entire life in Mumbai, privileged, rich, and comfortable. Initially, she played the “family struggles” card to gain attention and followers. Now? She has crossed the line, openly mocking genocide,… pic.twitter.com/UweLfFuj0C
वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “नरसंहार को मजाक बनाना कॉमेडी नहीं है, यह घटियापन है। शैरन वर्मा ने दर्शकों को खुश करने के लिए फिलिस्तीनियों की मौत का मजाक उड़ाया। इतिहास ऐसे लोगों को याद रखता है।”
Turning genocide into a joke is not comedy, it’s depravity.
— محمد سلمان فارسی (@AlFarsi1201) December 24, 2025
Sharon Verma mocked Palestinian deaths to please an audience.
History remembers people like this. pic.twitter.com/o2AkNsFtsc
एक अन्य ने लिखा, “वह शैरन वर्मा हैं, जो मूल रूप से बिहार की रहने वाली हैं। कोई बुरा न माने, लेकिन जोकरों के ग्रुप से समझदारी या हमदर्दी की उम्मीद करना बेकार है।
वह पूरी जिंदगी मुंबई में रही हैं, उन्हें सारी सुविधाएँ मिली हैं, वह अमीर और आरामदायक जिंदगी जीती हैं।”
She is Sharon Verma, originally from Bihar. No offence, but expecting intellect or empathy from a group of jokers ? is pointless.
— Alii (@merajcm7) December 24, 2025
She has lived in Mumbai all her life privileged, rich, and comfortable pic.twitter.com/OTiCWZSCm6
शैरन के समर्थन में क्या कह रहे यूजर्स?
शैरन वर्मा के समर्थन में उतरे लोगों का कहना है कि इस पूरे जोक को गलत संदर्भ में देखा जा रहा है। उनके मुताबिक, शैरन ने न तो फिलिस्तीन पर कोई टिप्पणी की और न ही किसी समुदाय या धर्म को निशाना बनाया।
समर्थकों का तर्क है कि शैरन का इशारा केवल उस दोहरी मानसिकता की ओर था, जिसमें एक व्यक्ति समानता और इंसानियत की बात करता है, लेकिन महिलाओं को लेकर पुरानी और अपमानजनक सोच रखता है। इसी पाखंड को उजागर करना उनके जोक का असली मकसद था।
एक यूजर ने शैरन का समर्थन करते हुए पोस्ट में लिखा, “शैरन वर्मा ने फिलिस्तीन का मजाक नहीं उड़ाया, उन्होंने ‘फ्री फिलिस्तीन’ बायो के पाखंड को उजागर किया। @Muslim_ITCell जैसे इस्लामी ट्रोलर्स ने उसी तरीके से जवाब दिया जो वे जानते हैं, यानी गाली-गलौज, धमकियाँ, सिर्फ नफरत। याद है जब मुनव्वर फारुकी ने गोधरा दंगों पर मजाक बनाया था लेकिन मुनव्वर फारुकी एक सेलिब्रिटी हैं, शैरन वर्मा लगातार खतरे में हैं। इस्लाम का अपमान करना ईशनिंदा है, हिंदू धर्म का अपमान करना कॉमेडी है। सभ्य दुनिया को उनके समर्थन में आना चाहिए, नहीं तो कोई सभ्यता नहीं बचेगी याद रखें नूपुर शर्मा के साथ क्या हुआ था।”
Sharon Verma didn’t mock Palestine she exposed ‘Free Palestine’ bio hypocrisy. Islamist trolls like @Muslim_ITCell replied with the only way they know that is abuse, threats, Just hate.
— Adv. Homi Devang Kapoor (@Homidevang31) December 24, 2025
Remeber When munawar Faruqui
made a joke on godhra riots but
Munawar Faruqui is a celebrity… pic.twitter.com/3UnJTPl3LV
इसी तरह एक अन्य यूजर ने शैरन का समर्थन करते हुए लिखा, “शैरन वर्मा ने अपने वीडियो में किसी भी समुदाय का मजाक नहीं उड़ाया। वह बस उन नेगेटिव कमेंट्स के खिलाफ़ अपना स्टैंड ले रही हैं जो उन्हें रोजाना अपने वीडियो पर मिलते हैं। लेकिन लेफ्ट लॉबी के अकाउंट्स और पेड आईटी सेल ने उस हिस्से को एडिट किया और बिना किसी वजह के उनका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया।”
Sharon Verma didn't mock any community in her videos.
— Geetansh Singh (@geetansh_sin617) December 25, 2025
She is just taking her stand against negative comments she gets in her videos on daily basis
But the left lobby accounts and paid it cells edited that part and started mocking her without any reason@donsharone ❤️
एक यूजर ने लिखा, “इस्लामवादी उसे निशाना बना रहे हैं लेकिन शैरन वर्मा ने कभी फिलिस्तीन का मजाक नहीं उड़ाया, उसने बस बायो में ‘फ्री फिलिस्तीन’ का पाखंड उजागर किया, जो महिलाओं को कोसने वाले महिला विरोधी लूजर हैं।”
Islamist are targeting her but sharon verma never made fun of palestine she just exposed hypocrisy of free palestine in bio misogynist losers who curse women https://t.co/TzqU1akKBs
— Gabriela (@itcolandcoke) December 24, 2025
इस पूरे मामले में दिलचस्प बात यह है कि शैरन वर्मा के पीछे वो इस्लामी कट्टरपंथी पड़े है, जिन्हें मुनव्वर फारूकी की हिंदू घृणा से सनी बातें कभी कॉमेडी लगा करती थी। इसी इकोसिस्टम ने मुनव्वर फारूकी को तब सपोर्ट किया था, जब उसने सरेआम गोधरा पर कारसेवकों के नरसंहार पर मजाक उड़ाया और जब माता सीता को लेकर अभद्र बातें कही थी।
उस वक्त इन्हें फ्रीडम ऑफ स्पीच जैसे अधिकार याद आ रहे थे, लेकिन शैरन के मामले में जहाँ उन्होंने किसी का मजाक नहीं उड़ाया। सिर्फ एक ट्रोलर को अपनी भाषा में पलटकर जवाब दिया है, वहाँ इस भीड़ को ऐसा लग रहा है कि उन्होंने गाजा में मारे जा रहे लोगों का मखौल उड़ा दिया।


