Homeविविध विषयअन्यफिलीस्तीन समर्थक को दिया जवाब, बौखला उठी इस्लामी जमात: शैरन वर्मा की कॉमेडी से...

फिलीस्तीन समर्थक को दिया जवाब, बौखला उठी इस्लामी जमात: शैरन वर्मा की कॉमेडी से बिलबिलाए कट्टरपंथी, मुनव्वर के समय याद आ रहा था- अभिव्यक्ति का अधिकार

शैरन वर्मा की फिलिस्तीन समर्थक को जवाब देने से सोशल मीडिया की इस्लामी जमात बौखला गई। फिलिस्तीन का मुद्दा बनाकर शैरन वर्मा की कॉमेडी को घटिया कहने लगे। ये वही लोग है, जिन्होंने मुनव्वर फारूकी के गोधरा दंगों पर टिप्पणी का समर्थन किया था।

‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो से चर्चित स्टैंड अप कॉमेडियन शैरन वर्मा का एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बना हुआ है। इस वायरल वीडियो में शैरन वर्मा दर्शकों के सोशल मीडिया कमेंट्स पढ़ रही थीं। कमेंट्स पढ़ते हुए उन्होंने एक ऐसे यूजर का जिक्र किया, जिसके प्रोफाइल बायो में ‘Free Palestine’ लिखा था। शैरन ने बताया कि उसी यूजर ने उन्हें कमेंट में रसोई में जाकर बर्तन धोने जैसी बात कही थी।

इस विरोधाभास पर शैरन ने तंज कसते हुए एक जोक किया और महिलाओं के प्रति ऐसी सोच पर कटाक्ष किया। उनका मजाक उस मानसिकता को लेकर था, जिसमें खुद को प्रगतिशील दिखाने वाले लोग भी महिलाओं के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं।

वीडियो सामने आते ही क्यों भड़का विवाद?

यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वैसे ही विवाद शुरू हो गया। कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि शैरन ने ‘Free Palestine’ जैसे संवेदनशील नारे को मजाक का हिस्सा बना दिया है। इसके बाद उनके खिलाफ पोस्ट्स की बाढ़ आ गई और मामला X पर ट्रेंड करने लगा। कई लोगों ने इसे राजनीतिक और धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखा, जबकि कुछ अकाउंट्स की ओर से तीखी भाषा और ट्रोलिंग भी देखने को मिली।

विरोध करने वालों की आपत्ति क्या है?

वहीं, विरोध करने वाले लोग इस बात पर आपत्ति जता रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय और संवेदनशील मुद्दों से जुड़े शब्दों को कॉमेडी में शामिल करना ठीक नहीं है। उनका कहना है कि ऐसे संदर्भ भावनाओं को ठेस पहुँचा सकते हैं, भले ही इरादा कुछ और हो।

एक यूजर ने लिखा, “वह बिहार की रहने वाली है, लेकिन उसने अपनी पूरी जिंदगी मुंबई में आराम और अमीरी में बिताई है। शुरू में, उसने ध्यान खींचने और फॉलोअर्स पाने के लिए ‘पारिवारिक संघर्षों’  का कार्ड खेला। अब? उसने सारी हदें पार कर दी हैं, खुलेआम नरसंहार का मजाक उड़ा रही है और अकल्पनीय इंसानी दुख को एक तमाशा बना रही है। यह सोची-समझी परफॉर्मेंस है, इज्जत और इंसानियत की भावना की कीमत पर एक खास ऑडियंस को खुश करने की रणनीति है।”

वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “नरसंहार को मजाक बनाना कॉमेडी नहीं है, यह घटियापन है। शैरन वर्मा ने दर्शकों को खुश करने के लिए फिलिस्तीनियों की मौत का मजाक उड़ाया। इतिहास ऐसे लोगों को याद रखता है।”

एक अन्य ने लिखा, “वह शैरन वर्मा हैं, जो मूल रूप से बिहार की रहने वाली हैं। कोई बुरा न माने, लेकिन जोकरों के ग्रुप से समझदारी या हमदर्दी की उम्मीद करना बेकार है।
वह पूरी जिंदगी मुंबई में रही हैं, उन्हें सारी सुविधाएँ मिली हैं, वह अमीर और आरामदायक जिंदगी जीती हैं।”

शैरन के समर्थन में क्या कह रहे यूजर्स?

शैरन वर्मा के समर्थन में उतरे लोगों का कहना है कि इस पूरे जोक को गलत संदर्भ में देखा जा रहा है। उनके मुताबिक, शैरन ने न तो फिलिस्तीन पर कोई टिप्पणी की और न ही किसी समुदाय या धर्म को निशाना बनाया।

समर्थकों का तर्क है कि शैरन का इशारा केवल उस दोहरी मानसिकता की ओर था, जिसमें एक व्यक्ति समानता और इंसानियत की बात करता है, लेकिन महिलाओं को लेकर पुरानी और अपमानजनक सोच रखता है। इसी पाखंड को उजागर करना उनके जोक का असली मकसद था।

एक यूजर ने शैरन का समर्थन करते हुए पोस्ट में लिखा, “शैरन वर्मा ने फिलिस्तीन का मजाक नहीं उड़ाया, उन्होंने ‘फ्री फिलिस्तीन’ बायो के पाखंड को उजागर किया। @Muslim_ITCell जैसे इस्लामी ट्रोलर्स ने उसी तरीके से जवाब दिया जो वे जानते हैं, यानी गाली-गलौज, धमकियाँ, सिर्फ नफरत। याद है जब मुनव्वर फारुकी ने गोधरा दंगों पर मजाक बनाया था लेकिन मुनव्वर फारुकी एक सेलिब्रिटी हैं, शैरन वर्मा लगातार खतरे में हैं। इस्लाम का अपमान करना ईशनिंदा है, हिंदू धर्म का अपमान करना कॉमेडी है। सभ्य दुनिया को उनके समर्थन में आना चाहिए, नहीं तो कोई सभ्यता नहीं बचेगी याद रखें नूपुर शर्मा के साथ क्या हुआ था।”

इसी तरह एक अन्य यूजर ने शैरन का समर्थन करते हुए लिखा, “शैरन वर्मा ने अपने वीडियो में किसी भी समुदाय का मजाक नहीं उड़ाया। वह बस उन नेगेटिव कमेंट्स के खिलाफ़ अपना स्टैंड ले रही हैं जो उन्हें रोजाना अपने वीडियो पर मिलते हैं। लेकिन लेफ्ट लॉबी के अकाउंट्स और पेड आईटी सेल ने उस हिस्से को एडिट किया और बिना किसी वजह के उनका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया।”

एक यूजर ने लिखा, “इस्लामवादी उसे निशाना बना रहे हैं लेकिन शैरन वर्मा ने कभी फिलिस्तीन का मजाक नहीं उड़ाया, उसने बस बायो में ‘फ्री फिलिस्तीन’ का पाखंड उजागर किया, जो महिलाओं को कोसने वाले महिला विरोधी लूजर हैं।”

इस पूरे मामले में दिलचस्प बात यह है कि शैरन वर्मा के पीछे वो इस्लामी कट्टरपंथी पड़े है, जिन्हें मुनव्वर फारूकी की हिंदू घृणा से सनी बातें कभी कॉमेडी लगा करती थी। इसी इकोसिस्टम ने मुनव्वर फारूकी को तब सपोर्ट किया था, जब उसने सरेआम गोधरा पर कारसेवकों के नरसंहार पर मजाक उड़ाया और जब माता सीता को लेकर अभद्र बातें कही थी।

उस वक्त इन्हें फ्रीडम ऑफ स्पीच जैसे अधिकार याद आ रहे थे, लेकिन शैरन के मामले में जहाँ उन्होंने किसी का मजाक नहीं उड़ाया। सिर्फ एक ट्रोलर को अपनी भाषा में पलटकर जवाब दिया है, वहाँ इस भीड़ को ऐसा लग रहा है कि उन्होंने गाजा में मारे जा रहे लोगों का मखौल उड़ा दिया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

सौम्या सिंह
सौम्या सिंह
ख़ुद को तराशने में मसरूफ़

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

MOU के बाद भी सुस्ती में रहा तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश ने फुर्ती से पकड़े मझगाँव डॉक के ₹29000 करोड़: समझिए कैसे चंद्रबाबू नायडू के...

प्रोजेक्ट में राज्य सरकार और विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी में ₹5289 करोड़ देंगे, जबकि MDL मुख्य निवेशक के रूप में ₹23964 करोड़ का निवेश करेगा।

पूरी तरह से ‘ड्राई स्टेट’ नहीं था लक्षद्वीप, 47 साल बाद सरकार ने बदले शराब के नियम: जानिए क्यों, कभी विकास परियोजनाओं के विरोध...

भारत के केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप में 47 वर्षों बाद शराब नीति में बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने लागू शराबबंदी कानून को समाप्त कर दिया है।
- विज्ञापन -